मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने उपराज्यपाल की तरफ से वीके शुंगलू की अध्यक्षता में गठित समिति और उसकी रिपोर्ट को असंवैधानिक करार दिया है।
एक प्रस्ताव पास करके उपराज्यपाल नजीब जंग को सलाह दी है कि संविधान की रक्षा करें ताकि जनकल्याण के उपाय पटरी से न उतरें।
समिति को भंग करने की सलाह देने के साथ कहा है कि अगर समिति अवैध काम जारी रखती है तो राजधानी में गंभीर संवैधानिक संकट खड़ा हो सकता है।
कैबिनेट ने तर्क दिया है कि संविधान में या किसी अध्यादेश अधिनियम में ऐसा कहीं प्रावधान नहीं है कि चुनी गई सरकार की परियोजनाओं की जांच, अधिकारियों से पूछताछ और उनके खिलाफ आपराधिक तथा प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश करने की धमकी देने के लिए कोई बाह्य समिति बनाने का अधिकार उपराज्यपाल को हो।
फैसले लागू होने के लंबे समय बाद खारिज करके उपराज्यपाल कार्यालय खतरनाक परंपरा डाल रहा है। कैबिनेट ने संविधान, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम और ट्रांजिक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स का हवाला देने के साथ कहा है कि समिति ने नौकरशाही में खतरनाक माहौल बना रखा है।