पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के स्टिंग सिखाने और भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए शुरू किए गए हेल्पलाइन नंबर 1031 को मजबूती देने की दिशा में दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने काम शुरू कर दिया है।
उपराज्यपाल नजीब जंग के निर्देश के बाद यह संभावना तलाशी जा रही है कि सिर्फ स्टिंग सिखाने की बजाय उनकी समस्या का समाधान करने की दिशा में क्या किया जा सकता है।
दिल्ली सरकार के अधिकारी बताते हैं कि शुरू में कई हजार कॉल रोजाना आ रहीं थीं। अब संख्या घटी है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में कॉल आ रही हैं।
इनमें से स्टिंग के लायक गिनती की कॉल आती हैं। फिर लोग भी आसानी से तैयार नहीं होते। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि इस नंबर को और मजबूत करके आने वाली शिकायतों को निपटाने का ढांचा तैयार किया जाए। हालांकि शिकायतों के निपटारे के लिए पब्लिक ग्रिवेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीजीएमएस) काम कर रहा है।
दागी अधिकारियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग
दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभागों में तैनात कर्मचारियों पर लगे आरोप सार्वजनिक हो, इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
दानिक्स और दास कैडर के अधिकारियों का इधर-उधर ट्रांसफर होने की दशा में विजिलेंस जांच या विभागीय जांच शुरू होने पर उसका पिछला रिकॉर्ड पता नहीं चल पाता। यही वजह है कि एक ऐसा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें विजिलेंस और विभागीय जांच का लेखा जोखा होगा।