केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता गोपीनाथ मुंडे की सड़क हादसे में मौत के बाद राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है गोपीनाथ मुंडे की मौत हार्टअटैक और लीवर के फटने से हुई है। गोपीनाथ मुंडे कार हादसे में बुरी तरह जख्मी हो गए थे, जिसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था।
हादसे के बाद अंतिम सांस लेने से पहले गोपीनाथ के अंतिम शब्दों को याद करके उनके सहयोगी भी फूट-फूटकर रो पड़ते हैं।
पढ़िए, क्या कहा था गोपीनाथ ने
सुबह करीब 6.30 बजे अरविंदो चौक पर हादसे के बाद घायल गोपीनाथ ने सबसे पहले अपने सहयोगी से पानी मांगा था।
गोपीनाथ के सहयोगी पानी लेने के लिए दौड़े तभी उन्होंने कहा, 'मुझे अस्पताल ले चलो।'
गोपीनाथ की कार के ड्राइवर ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि एम्स में पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
पता नहीं था यही होंगे आखिरी शब्द
गोपीनाथ मुंडे के सहयोगी और उनकी कार के ड्राइवर को भी यह नहीं पता चला कि गोपीनाथ के वो शब्द आखिरी थे। अस्पताल ले चलने की बात कहते वक्त भी गोपीनाथ होश में थे।
एम्स ले जाते समय रास्ते में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वह अचेत हो गए। इसी दौरान उनकी सांसें थम गईं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि हादसे में गोपीनाथ को अंदरूनी चोटें आईं जिसकी वजह से उनका लीवर फट गया और अंदर ही अंदर खून फैलने से उनकी मौत हो गई।
अधूरी रह गई ख्वाहिश
केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे अपने घर से एयरपोर्ट के लिए निकले थे जहां से उन्हें मुंबई रवाना होना था। महाराष्ट्र के बीड़ में उनके लिए एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया था।
अपने चहेते नेता को सम्मानित करने के उत्सुक लोगों के लिए यह महज एक ख्वाहिश ही बनकर रह गई।
कार हादसे में गोपीनाथ की मौत के बाद बीजेपी और उनके पैतृक गांव में शोक व्याप्त है। गोपीनाथ के शव को अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली के अशोका रोड स्थित बीजेपी कार्यालय ले जाया गया है।