भीम आर्मी की हुंकार रैली जंतर-मंतर पर
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केंद्र सरकार को घेरने के लिए भीम आर्मी के मुखिया ने आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर बहुजन हुंकार रैली बुलाई है, जिसमें उन्होंने अपनी बात को पुरजोर तरीके से रखा और कहा कि सरकार बदले न बदले सामाजिक क्रांति होती रहनी चाहिए। उन्होंने कहा हमारी लड़ाई संविधान बचाने की है।
यहां पहुंचकर चंद्रशेखर ने ये भी कहा कि वह नेता नहीं बहुजन का बेटा बनना चाहते हैं। चंद्रशेखर ने रैली में मौजूद लोगों से कहा, "अगर मैं सांसद बनना चाहता, तो मैं आरक्षित सीट से चुनाव लड़ता। मैं नेता नहीं, बहुजन का बेटा बनना चाहता हूं।
उन्होंने कई बार बिना मायावती का नाम लिए कहा कि आप लोग अपना बहुजन वोट किसी ऐसे को न दें जो बाद में जाकर भाजपा की मदद कर सकते हैं। ये लड़ाई 85% बनाम 15% की है। आज के पूरे भाषण की खास बात ये रही कि चंद्रशेखर ने कांग्रेस पर कोई निशाना नहीं साधा। जानकारों का मानना है कि इससे कांग्रेस की वो रणनीति काम कर गई, जिसके लिए प्रियंका गांधी चंद्रशेखर से मेरठ के अस्पताल जाकर मिली थीं।
गौरतलब है कि चंद्रशेखर आजाद को गुरुवार शाम को मेरठ के आनंद अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी, जिसके बाद से वह गायब बताए जा रहे थे। माना जा रहा था कि आज वह बहुजन हुंकार रैली में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे जो सही साबित हुआ। दरअसल भीम आर्मी ने दलित नेता कांशीराम की जयंती के मौके पर बहुजन हुंकार रैली का आयोजन किया।
भीम आर्मी की हुंकार रैली को अपना समर्थन देने के लिए जेडीयू के पूर्व नेता शरद यादव भी जंतर-मंतर पहुंचे। इसके साथ ही वहां जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष एन. साई बालाजी भी पहुंचे।