आरडबल्यूए और थाना पुलिस कर रही गैस वितरण
- फोटो : अमर उजाला
लोग सुबह से ही सिलिंडर लेने के लिए लाइन में खड़े हो रहे हैं, लेकिन फिर भी समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के समय उन्हें जो डिलीवरी की तारीख दी जाती है, उस दिन सिलिंडर नहीं पहुंचता। कई बार डिलीवरी बॉय फोन कर आश्वासन देते हैं, लेकिन बाद में सिलिंडर नहीं आता। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि समस्या गैस की कमी से ज्यादा डिलीवरी सिस्टम की गड़बड़ी की है। वहीं, गैस एजेंसियों के संचालकों का दावा है कि दिल्ली में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उनका दावा है कि ज्यादातर ग्राहकों को समय पर सिलिंडर मिल रहा है और केवल कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से देरी हो रही है।
कई दुकानों के चूल्हे ठंडे पड़े
इस समस्या का सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ा है। शहर के ढाबे, छोटे होटल और स्ट्रीट फूड विक्रेता गैस न मिलने के कारण या तो बंद हो चुके हैं या बंद होने की स्थिति में हैं। मुनिरका, आरके पुरम, कश्मीरी गेट, पहाड़गंज और कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में कई दुकानों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। ढाबा संचालकों का कहना है कि पहले उन्हें नियमित रूप से गैस मिलती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। आरके पुरम के एक दुकानदार के अनुसार, जहां पहले रोज दो सिलिंडर की जरूरत होती थी, अब एक सिलिंडर भी समय पर नहीं मिल पा रहा। मजबूरी में उन्हें दुकान के समय में कटौती करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो दुकान बंद करनी पड़ सकती है।
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की स्थिति गंभीर
एलपीजी गैस सिलिंडर की कमी से होटल और रेस्तरां कारोबार भी इस समस्या से प्रभावित है। कई जगह खाने के मेन्यू कम कर दिए गए हैं और कुछ स्थानों पर सीमित समय के लिए ही खाना बनाया जा रहा है। इससे न केवल कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि कर्मचारियों की नौकरी पर भी असर पड़ रहा है। हॉकर जॉइंट एक्शन समिति ने भी इस मुद्दे को उठाया है। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, सिलिंडर की किल्लत के कारण स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की स्थिति गंभीर हो गई है। कई दुकानदारों का काम ठप हो गया है और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
गैस सिलिंडर के लिए लाइन में खड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला
लोगों की जेब पर पड़ रहा असर
इस बीच गैस की कमी का असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ गए हैं। आरके पुरम निवासी राहुल कुमार ने बताया कि कुछ दुकानदारों ने कीमतें जरूरत से ज्यादा बढ़ा दी हैं, जो सही नहीं है। उदाहरण के तौर पर जहां पहले चाय 10 रुपये में मिलती थी, अब 15 रुपये तक में बेची जा रही है। वहीं, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम भी 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। उनका कहना है कि अगर डिलीवरी से जुड़ी जानकारी सही और समय पर दी जाए, तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी की नजर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों पर है कि वे जल्द इस समस्या का समाधान करें, ताकि गैस आपूर्ति और डिलीवरी व्यवस्था फिर से सामान्य हो सके।