दिल्ली में गैस सिलिंडर की कमी ने कई घरों की रसोई को मुश्किल में डाल दिया है। कहीं गैस खत्म होने से खाना बनाना बंद हो गया है, तो कहीं परिवार चिंता में है कि अब खाना कैसे बनेगा। ऐसे में कई इलाकों में लोग अपने पड़ोसियों की परेशानी देखकर खुद आगे आ रहे हैं और अपने घर का गैस सिलिंडर देकर उनकी मदद कर रहे हैं। किसी के घर छोटे बच्चे हैं तो कहीं बुजुर्गों के लिए खाना बनाना जरूरी है, ऐसे में पड़ोसी देवदूत बनकर सामने आ रहे हैं।
लोगों ने कहा कि संकट के ऐसे ही पलों में इंसानियत और मानवता की असली पहचान सामने आती है। इसका उदाहरण पश्चिम, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण, पूर्वी, बाहरी, मध्य और नई दिल्ली के इलाकों में देखने को मिल रहा है। नजफगढ़ के राणा बाबा एन्क्लेव की निवासी रजनी ने बताया कि उनके पड़ोसी के घर अचानक गैस खत्म हो गई थी और छोटे बच्चे भी थे, इसलिए उन्होंने बिना देर किए अपना अतिरिक्त सिलिंडर उन्हें दे दिया। उन्होंने कहा कि अगर हम एक-दूसरे की मदद नहीं करेंगे तो संकट और भी बड़ा हो जाएगा।
व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से कर रहे मदद : कुछ इलाकों में लोग आपस में जानकारी भी साझा कर रहे कि किसके पास अतिरिक्त सिलिंडर है और किसे जरूरत है। कई जगहों पर व्हाट्सऐप ग्रुप और स्थानीय सोसायटी के माध्यम से भी लोग एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। ऑल द्वारका रेजिडेंट्स फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने बताया इस तरह की पहल से न सिर्फ समस्या का अस्थायी समाधान हो रहा है, बल्कि समाज में आपसी भरोसा और भाईचारा भी मजबूत हो रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता अवनीश जैन ने बताया कि संकट के समय में समाज की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
संकट लोगों की दैनिक आय को कर रहा प्रभावित : गैस सिलिंडर की कमी का असर छोटे कारोबारों और खाने-पीने के प्रतिष्ठानों को खासा परेशान कर रहा है। कैफे, छोटे रेस्तरां और सड़क किनारे के ढाबों को रसोई चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर गैस खत्म होने के कारण खाना बनाना धीमा पड़ गया है, जबकि कुछ प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ा है। व्यवसाय मालिकों का कहना है कि गैस सिलेंडर की कमी से उनकी रोज की आय पर सीधा असर पड़ रहा है।
लोगों ने कहा...
हमारे पड़ोस में एक परिवार के घर अचानक गैस खत्म हो गई थी। उनके घर छोटे बच्चे भी हैं, इसलिए हमने अपना अतिरिक्त सिलिंडर उन्हें दे दिया। ऐसे समय में मदद ही सबसे जरूरी होता है।
-राधे शर्मा
गैस की कमी से परेशानी जरूर हो रही है, लेकिन अच्छी बात यह है कि लोग एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। हमारे इलाके में कई लोग जरूरत पड़ने पर अपना सिलेंडर पड़ोसियों को दे रहे हैं।
-ताहिर खान
संकट के समय ही इंसानियत की असली पहचान होती है। अगर किसी के घर खाना नहीं बन पा रहा है और हमारे पास सिलेंडर है, तो मदद करना हमारा फर्ज है।
-पूजा