अपनी पहचान छिपाकर फेसबुक पर लड़कियों से दोस्ती करना और इसके बाद उनके साथ गलत वारदात अंजाम देने का सिलसिला जारी है। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि एक युवक शोएब खान ने फेसबुक पर अपनी पहचान छिपाकर एक नाबालिग लड़की से दोस्ती की। इसके बाद उसे दूर एक जगह पर ले जाकर उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की।
23 अक्टूबर को राजौरी गार्डन के एक व्यक्ति ने पुलिस से शिकायत की कि उसकी 15 साल की बेटी को अगवा कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू की तो पाया कि उसकी फेसबुक पर एसके सिन्हा नाम के एक लड़के से दोस्ती थी। पुलिस जांच में सामने आया कि इस प्रोफाइल को चलाने वाले एसके सिन्हा का असली नाम शोएब खान है जो राजस्थान के गोविंदगढ़ का रहने वाला है। पुलिस ने उसके गांव में पता किया तो पूरा परिवार फरार पाया गया।
इसके बाद पुलिस ने शौकत अली नाम के अपने एक कांस्टेबल को उस गांव में छिपकर रहकर जांच करने की योजना बनाई। पता चला कि शोएब लड़की को भगाकर पहले बिहार और फिर यूपी के आजमगढ़ भाग गया था। शायद इस बीच शोएब को पता चल गया था कि उसके पीछे पुलिस पड़ गई है। यही कारण था कि उसने लड़की को दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर पर लाकर एक ऑटो में बैठा छोड़कर भाग गया।
विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने अमर उजाला से कहा कि हाल ही में दिल्ली में लगभग एक दर्जन ऐसी वारदातें सामने आई हैं जहां मुस्लिम समाज के युवकों ने अपनी पहचान छिपाकर दूसरे समुदाय की लड़कियों से दोस्ती की और इसके बाद में उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई। सच्चाई का पता चलने के बाद जिन मामलों में लड़कियों ने इसका विरोध किया, उनमें से कई को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद दिल्ली और हरियाणा सरकार से उत्तर प्रदेश की तर्ज पर सख्त कानून बनाए जाने की मांग करती है। क्योंकि यह मामला केवल प्रेम करने का नहीं है। इन मामलों में एक ट्रेंड देखा जा रहा है कि इनमें अपनी पहचान छिपाकर हिंदू समाज की लड़कियों को फंसाने की कोशिश की जाती है और बाद में उनका धर्म परिवर्तन किया जाता है। विहिप नेता ने स्पष्ट किया कि संगठन पूरी पहचान उजागर कर किए गए किसी प्रेम संबंध के विरोध में नहीं है। बल्कि जिन मामलों में पहचान छिपाकर गलत साजिश की जाती है, वे उनके विरोध में हैं।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लव जिहाद मामलों पर सख्त कानून बनाया है। विहिप का दावा है कि जब से यूपी में सख्त कानून बना है तब से अब तक 6 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं जहां महिलाओं ने आगे आकर इस बात को स्वीकार किया है कि उनसे नाम छिपाकर दोस्ती की गई। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह का कानून दिल्ली में भी लाया जाता है तो इस तरह के मामलों पर रोक लग सकेगी।