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इमरान हुसैन की लगी लॉटरी, पार्षद से विधायक और अब मंत्री

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आसिम की बर्खास्तगी से कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री हारून यूसुफ की जमानत जब्त कराकर पहली विधायक बने इमरान हुसैन की लॉटरी लग गई।
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एमसीडी चुनाव में निर्दलीय पार्षद बने इमरान हुसैन को आम आदमी पार्टी ने 2015 के विधानसभा चुनाव में बल्ली मारान से टिकट दिया तो 59 फीसदी वोट लेकर विधायक बने और अब मंत्री बनने का मौका मिल गया।

अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया जहां आसिम अहमद के खिलाफ शिकायत की जांच में जुटे थे, वहीं पार्टी नेताओं के साथ मिलकर रिक्त स्थान भरने पर भी कसरत चल रही थी।
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ऐसे में इमरान की झोली में ही मंत्री का टोकन क्यों आया? इसके पीछे कई तर्क दिए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक मंत्री पुरानी दिल्ली की वॉलसिटी से रखना था।
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तो क्या युवा और मुस्लिम होना इमरान के लिए रहा फायदेमंद

फिर मुसलमानों ने खुलकर वोट दिया था तो आम आदमी पार्टी के मुखिया के जेहन में यह भी था। चर्चा किसी सिख को कैबिनेट में रखने को लेकर भी चली थी लेकिन इमरान का पलड़ा भारी पड़ा।

सूत्र बताते हैं कि मुस्लिम चेहरे की बात उठी तो ओखला से विधायक अमानतउल्ला और सीलमपुर से विधायक मोहम्मद इशराक की जमीन भी टटोली गई। जहां ओखला विधायक के खिलाफ प्रशांत भूषण की उठी आवाज व कुछ पुराने केस व तेजतर्रार होना रोड़ा बना तो सीलमपुर विधायक की पढ़ाई लिखाई आड़े आई। फिर तीनों में सबसे युवा भी इमरान हुसैन (34) ही हैं।

हालांकि अभी यह सवाल जरूर उठ रहे हैं कि पहली बार विधायक बने इमरान खाद्य आपूर्ति विभाग और फिर पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी उनके पास रहेगा या फिर महज नाम के मंत्री बनकर रहेंगे।
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