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खोई हुई आवाजें: सप्तक में जीवंत हुईं सात दिवंगत हिंदी कवियों की आवाज

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संवाद न्यूज एजेंसी
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नई दिल्ली। रजा फाउंडेशन और इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी) के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को सीडी देशमुख ऑडिटोरियम में ‘खोई हुई आवाजें : सप्तक’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी के सात दिवंगत कवियों- कीर्ति चौधरी, श्रीराम वर्मा, चंद्रकांत देवताले, भगवत रावत, ज्योत्स्ना मिलन, विनोद कुमार शुक्ल और मंगलेश डबराल के काव्य पाठ की दुर्लभ रिकॉर्डिंग सुनाई गईं। विशेष प्रस्तुति के जरिए श्रोताओं को इन महत्वपूर्ण रचनाकारों की मूल आवाज में उनकी कविताएं सुनने का मौका मिला।
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कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी कविता की अमूल्य धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को उन कवियों की रचनात्मक संवेदना और काव्य दृष्टि से परिचित कराना था। कविताओं के माध्यम से प्रकृति, समाज, मानवीय संबंधों, समय और जीवन के विविध आयामों को अभिव्यक्ति मिली। प्रस्तुति के दौरान सभागार में गंभीर और भावपूर्ण वातावरण बना रहा तथा श्रोताओं ने कवियों की आवाज में उनकी रचनाओं का रसास्वादन किया।
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