नितिन ने बताया कि खजूरी चौक से निकलकर आगे बढ़ने पर ता चला कि सिग्नेचर ब्रिज बंद होने की वजह से ट्रैफिक की समस्या पैदा हुई है। इसके बाद खजूरी चौक से रास्ता बदलते हुए वजीराबाद के लिए निकला। इसके आगे बढ़ने का रास्ता न मिलने पर फिर खजूरी चौक पहुंचे, लेकिन वक्त 11.20 होने की वजह से दफ्तर जल्दी पहुंचने के लिए यमुना विहार से होकर लोनी गोल चक्कर पहुंचे।
वहां भी जाम से परेशान होकर खजूरी फ्लाईओवर पर जा रुके, उस वक्त तक 12 बज चुके थे। 12.45 तक इंतजार के बाद पुल से रवाना होकर शास्त्री पार्क की तरफ पहुंचने के बाद उसी रास्ते पर चलते हुए अपने दफ्तर करीब 2.30 बजे पहुंचे। सिग्नेचर ब्रिज के बंद किए जाने की वजह से सुबह से ही हजारों वाहन चालकों को रास्ता बदलना पड़ा।
डायवर्जन ने बढ़ाईं और मुश्किलें
राजघाट से दिल्ली गेट के रास्ते आईटीओ जाने का रास्ता पुलिस ने बैरिकेड से बंद कर दिया था जबकि दरियागंज से आईटीओ की तरफ आने वाली तमाम बसों को भी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। आईटीओ के बजाय बस, स्कूटर, ऑटो, बाइक सहित हजारों वाहनों को डायवर्ट किए जाने से लोगों को जाम से जूझना पड़ा।
इस वजह से सिविक सेंटर से दिल्ली गेट के बीच की दूरी तय करने में 45 मिनट से एक घंटे तक वक्त लगा। बसों में इंतजार कर रहे कई यात्री जाम से बचने के लिए पैदल उतरकर ही आगे चल पड़े। आईटीओ स्थित दिल्ली पुलिस, मुख्यालय, सिग्नेचर टावर और दिल्ली गेट पर पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही।
वहीं किराये की अधिकतर बसों में यात्रियों की संख्या काफी कम रही। कुछ रूट ऐसे थे, जिनपर किराये की कई बसें चलाई जा रही हैं, लेकिन इसे निजी मानते हुए दूसरे दिन भी यात्रियों ने इन वाहनों पर सफर नहीं किया।