पहले व दूसरे चरण में मुख्यतया पूर्वोत्तर के राज्यों में चुनाव है लेकिन तीसरे चरण में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा की 27 सीटों सहित कुल 92 सीटों पर मतदान होंगे।
भाजपा ने अभी तक इन सीटों केलिए के भी प्रत्याशी नहीं घोषित किया है जबकि कांग्रेस ने भी अभी तक आधी सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय नहीं किए हैं।
चुनाव आयोग ने 9 चरण में मतदान कराने का फैसला लिया है। पहले दो चरण में पूर्वोत्तर राज्यों की 13 सीटों पर चुनाव होंगे। इन सीटों के लिए 14 मार्च को अधिसूचना जारी होने के साथ प्रत्याशियों का नामांकन शुरु हो जाएगा। तीसरे चरण में 92 सीटों पर 10 अप्रैल को मतदान होना है।
भाजपा ने अब तक नहीं उतारे प्रत्याशी
पहले चरण में हरियाणा की भी सभी दस सीटें शामिल होंगी। भाजपा ने अभी तक हरियाणा में एक भी प्रत्याशी का नाम नहीं घोषित किया है जबकि कांग्रेस सात सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर चुकी है।
दिल्ली में भाजपा व कांग्रेस दोनों अभी तक प्रत्याशियों के नाम नहीं तय कर सकी जबकि विधानसभा चुनावों में उन्हें कड़ी टक्कर देने वाली आप पार्टी ने अपने सभी उम्मीदवारों का नाम तय हो के बाद एक हफ्ते से प्रचार में जुटे हैं।
गाजियाबाद तथा गौतम बुद्धनगर में अभी प्रत्याशी तय होना बाकी है। भाजपा इनमें से एक भी सीट पर प्रत्याशी नहीं तय कर सकी है। सपा व बसपा जैसी पार्टियां इस क्षेत्र में महीनों पहले प्रत्याशी तय कर चुकी हैं, गाजियाबाद को छोड़कर अधिकांश सीटों पर आप भी अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।
बीजेपी को होगा बड़ा ऩुकसान!
राष्ट्रीय स्तर पर सबसे पहले व सबसे तेज प्रचार करने के बावजूद प्रत्याशी तय करने में सबसे पीछे रहने का खामियाजा भाजपा प्रत्याशियों को उठना पड़ सकता है। घर-घर जन संपर्क के लिए प्रत्याशियो को बहुत कम समय मिल सकेगा। पंद्रह मार्च से नामांकन शुरु होगा।
दो दिन होली का माहौल तथा उसके बाद 26 मार्च तक नामांकन की प्रक्रिया चलती रहेगी। दस अप्रैल को मतदान होगा इसलिए आठ अप्रैल को ही प्रचार पर रोक लग जाएगी।
प्रत्याशी को मुश्किल से तेरह दिन प्रचार के लिए मिल सकेंगे। शहरी सीट में तो किसी हद तक प्रत्याशी कुछ प्रचार कर भी लेंगे ग्रामीण क्षेत्रों में तो देरी से टिकट पाने वाले प्रत्याशियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।