निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2014 में दिल्ली में एनआरआई मतदाताओं की संख्या केवल नौ थी। अपने राज्य के प्रति लगाव के बावजूद चुनाव में इनकी भागीदारी शून्य रही। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले पांच साल में केवल 266 एनआरआई मतदाताओं का इजाफा हुआ है।
विदेश मंत्रालय के आंकड़े कहते हैं कि लगभग पचास हजार दिल्लीवासी पढ़ाई या रोजगार के लिए हर साल विदेश जा रहे हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 20 अप्रैल, 2024 तक दिल्ली में एनआरआई मतदाताओं की संख्या 602 है। साल 2019 लोकसभा चुनाव में यह संख्या 336 थी।
चुनाव आयोग कर रहा जागरूक
चुनाव आयोग स्वीप प्रोग्राम के जरिये लोगों को मतदान सूची में अपना नाम दर्ज कराने और मताधिकार का प्रयोग करने के लिए जागरूक कर रहा है, जिसमें एनआरआई भी शामिल हैं। आयोग का कहना है कि एनआरआई मतदाताओं की संख्या काफी कम है, लेकिन अधिक संख्या में लोग मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं, इसके प्रयास किए जा रहे हैं।