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Lok Sabha Elections : सरकार चुनने में एनआरआई नहीं दिखा रहे रुचि, पिछले पांच साल में बढ़े केवल 266 मतदाता

दीपक कार्की, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 22 Apr 2024 06:31 AM IST

सार

इनमें हजारों लोग अकेले दिल्ली से ताल्लुक रखते हैं। प्राय: उनके दिलों में अपने शहर-मोहल्ले के लिए प्रेम भी बना रहता है, लेकिन जब बात लोकसभा चुनाव की आती है तो वे रुचि नहीं दिखाते हैं।
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साल 2014 में दिल्ली में एनआरआई मतदाताओं की संख्या केवल नौ थी। - फोटो : अमर उजाला


निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2014 में दिल्ली में एनआरआई मतदाताओं की संख्या केवल नौ थी। अपने राज्य के प्रति लगाव के बावजूद चुनाव में इनकी भागीदारी शून्य रही। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले पांच साल में केवल 266 एनआरआई मतदाताओं का इजाफा हुआ है। 


विदेश मंत्रालय के आंकड़े कहते हैं कि लगभग पचास हजार दिल्लीवासी पढ़ाई या रोजगार के लिए हर साल विदेश जा रहे हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 20 अप्रैल, 2024 तक दिल्ली में एनआरआई मतदाताओं की संख्या 602 है। साल 2019 लोकसभा चुनाव में यह संख्या 336 थी। 


चुनाव आयोग कर रहा जागरूक

चुनाव आयोग स्वीप प्रोग्राम के जरिये लोगों को मतदान सूची में अपना नाम दर्ज कराने और मताधिकार का प्रयोग करने के लिए जागरूक कर रहा है, जिसमें एनआरआई भी शामिल हैं। आयोग का कहना है कि एनआरआई मतदाताओं की संख्या काफी कम है, लेकिन अधिक संख्या में लोग मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। 

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