राजनीतिक दलों को केवल चुनाव के समय में व्यापारियों की याद आती है। व्यापारियों को भाजपा का वोट बैंक समझा जाता है इसलिए अन्य पार्टियां व्यापारियों से दूरी बनाकर रखती हैं जबकि भाजपा व्यापारियों को कोई महत्व नहीं देती है। इस बार के चुनावों में व्यापारियों को एक वोट बैंक के रूप में बदलने के लिए हम बैठक कर रहे हैं। 150 से अधिक बैठक अभी तक हुई है। - विपिन आहूजा, प्रदेश अध्यक्ष , कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स
20 हजार दुकानें सील करने से लाखों व्यापारियों का रोजगार छिन गया है। भाजपा सीलिंग के मुद्दे से अपना पल्ला झाड़ रही है। केंद्र सरकार चाहती तो संसद में अध्यादेश लाकर दिल्ली में व्यापारियों के रोजगार पर चल रहे बुलडोजर को रुकवा सकती थी। दिल्ली के व्यापारियों ने इस बार आह्वान किया है कि चुनाव में एक भी व्यापारी भाजपा के समर्थन में वोट नहीं करेगा। - बृजेश गोयल, संयोजक, आप व्यापार प्रकोष्ठ
जीएसटी, सीलिंग से व्यापारी वर्ग बेहद परेशान है। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में जीएसटी के सरलीकरण की बात की है। छोटे, मझोले व उद्योग को ऋण देने की बात करके कांग्रेस ने राहत देने की बात की है। व्यापारी वर्ग दिल्ली सरकार व केंद्र सरकार से नाराज हैं। जो दल व्यापार को बढ़ावा देने की बात करेगा व्यापारी उसी पार्टी को वोट देंगे। - अजय अरोड़ा, संयोजक, स्टेट ट्रेडर्स कांग्रेस
व्यापारियों के मुद्दे
सीलिंग, किराया कानून, सरकारी विभागों में निचले स्तर पर भ्रष्टाचार, एमसीडी का लाइसेंस संबंधित कानून, बाजारों में दिन के समय माल की लोडिंग एवं अनलोडिंग पर प्रतिबंध, बाजारों की खस्ता हालत, पुख्ता सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नहीं। ई-कॉमर्स एवं रिटेल में एफडीआई ।