वाराणसी, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडल में शनिवार रात से मौसम बिगड़ गया। तेज हवा के साथ बारिश हुई और ओले भी पड़े। टीन शेड और छप्पर उड़ गए। फसलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि रविवार को दोपहर बाद मौसम सामान्य हो गया।
वाराणसी, बलिया, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ में तेज हवा के साथ बारिश हुई और ओले पड़े। आजमगढ़ के सगड़ी तहसील क्षेत्र में 50 से 100 ग्राम तक के ओले पड़े। कई जगह पेड़ गिरने से रास्ता बाधित हो गया। बारिश से गेहूं, जौ, अरहर, चना, मटर, सरसों की फसलाें को नुकसान पहुंचा है। मिर्च, टमाटर, परवल, नेनुआ आदि भी प्रभावित हुए हैं। आम को भी क्षति पहुंची है। उधर, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में प्रदेश के करीब 32 जिलों में आंधी और ओलावृष्टि की संभावना व्यक्त की है। इन सभी जिलों को अलर्ट कर दिया गया है।
झोपड़ी में दबकर अधेड़ की मौत
गाजीपुर: दिलदारनगर थाना क्षेत्र के धनाड़ी गांव में शनिवार की देर रात तेज आंधी-पानी के दौरान एक झोपड़ी गिर गई। उसमें दबकर सिद्धनाथ यादव (55) की मौत हो गई।
हिमाचल में अप्रैल माह में एक बार फिर मौसम करवट बदल रहा है। सोमवार से करीब एक सप्ताह तक कुछ स्थानों में गर्ज के साथ बारिश और चोटियों पर हिमपात के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार को प्रदेश के एक-दो क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। हालांकि, मंगलवार को धूप खिली रहेगी। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते सूबे के लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
शिमला समेत पूरे प्रदेश में रविवार को धूप खिली रही। ऊना का सबसे ज्यादा अधिकतम पारा 35.8 और न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। केलांग का न्यूनतम तापमान सबसे कम 2.1 डिग्री सेल्सियस तक रहा। पिछले चौबीस घंटों में भरमौर में 20, हमीरपुर में 12, तीसा में 7 और पालमपुर में 3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
शिमला का अधिकतम तापमान 23.0, सुंदरनगर का 31.3, भुंतर का 30.6, धर्मशाला का 23.8, नाहन का 29.4, सोलन का 27.0, कांगड़ा का 32.4, बिलासपुर का 32.5, हमीरपुर का 32.0 और डलहौजी का 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है।