सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को बिसाहड़ा में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा के लिए बिसाहड़ा ही क्यों चुना गया, इस बात तो लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा जोरों से है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 28 सितंबर 2015 को बिसाहड़ा में इकलाख हत्याकांड ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस घटना के बाद आरोप लगे कि तत्कालीन सरकार ने एकपक्षीय कार्रवाई की।
ठाकुर बाहुल्य बिसाहड़ा में कई युवाओं को पकड़कर जेल में डाल दिया गया। बिना जांच पड़ताल के उन पर केस कर दिया गया। वह टीस अब भी उनके अंदर है। मुख्यमंत्री की जनसभा उस पर मरहम लगाने का काम करेगी।
जानकारों का मानना है कि बिसाहड़ा साठा चौरासी (ठाकुर बाहुल्य 60 गांवों को साठा चौरासी कहते हैं) का प्रमुख गांव हैं। इनमें से कुछ गांव गौतमबुद्ध नगर के अलावा आसपास के जिलों की सीमा में भी हैं।