कांग्रेस व आम आदमी पार्टी (आप) के बीच बीते करीब चार महीने से चल रही गठबंधन की चर्चा पर विराम लग गया है। दोनों दल अपने-अपने फॉर्मूले से एक कदम पीछे हटने को तैयार नहीं है। बृहस्पतिवार दिन भर की चर्चा के बाद दोनों दलों के नेता मान रहे हैं कि अब आगे बातचीत की गुंजाइश नहीं बनती। एक सीट पर फंसे पेच के बीच संभव है कि शुक्रवार को समझौते पर बातचीत टूटने का एलान भी हो जाए।
आप व कांग्रेस की बीच समझौते की आखिरी कोशिश बृहस्पतिवार सुबह से एक बार फिर से शुरू हुई। बातचीत के इस दौर से हरियाणा को बाहर रखा गया। दोनों दलों का सारा फोकस दिल्ली पर था। आप ने इस दौरान अपना 5-2 का फॉर्मूला सुझाया। जबकि कांग्रेस 4-3 के अपने फॉर्मूले पर अड़ी रही। बातचीत में शामिल प्रतिनिधियों के बीच रास्ता न निकलता देख शीर्ष नेतृत्व संपर्क किया गया। कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर बातचीत की जानकारी दी। जबकि सांसद संजय सिंह ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर चर्चा की।
सूत्र बताते हैं कि एक भी दल के रुख में नरमी समझौते का रास्ता खोल सकती है। हालांकि, दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। ऐसे में अब कांग्रेस व आप ने बातचीत पर विराम लगाने का फैसला किया गया है। आप के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अब समझौते की गुंजाइश नहीं है। शुक्रवार को इसका सार्वजनिक एलान भी कर दिया जाएगा।