राजधानी में शांतिपूर्ण व निष्पक्ष मतदान के लिए लोकसभा चुनावों में पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृहमंत्रालय को पत्र लिखकर लोकसभा चुनाव के लिए आधुनिक तकनीक से लैस 200 ड्रोन उपलब्ध कराने को कहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अनुमति मिल जाएगी।
इसके बाद ड्रोन किराये पर लिए जाएंगे। पुलिस के मुताबिक, अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर ड्रोन तैनात किए जाएंगे। अभी तक दिल्ली में 460 अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान हुई है। बड़े इलाकों में पुलिस को पेट्रोलिंग करने में समय लगता है, लेकिन ड्रोन से इलाके की सुरक्षा व्यवस्था की जांच आसान हो जाएगी।
ड्रोन से यह भी देखा जा सकता है कि लोग कहां एकत्रित हो रहे हैं और कहां दंगे होने की संभावना है। इसका पता लगते ही सुरक्षा बलों को तुरंत मौके पर भेजा जा सकेगा। ड्रोन के लिए सातों सीटों की प्रमुख जगहों पर कंट्रोल रूम बनेंगे।
नई दिल्ली जिले में नहीं है एक भी केंद्र
नई दिल्ली जिले में एक भी अति संवेदनशील मतदान केंद्र नहीं है। दिल्ली पुलिस ने यहां पर किसी भी मतदान केंद्र को अति संवेदनशील नहीं माना है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बाद बाहरी दिल्ली अति संवेदनशील मतदान केंद्रों के मामले में दूसरे नंबर पर है। यहां पर करीब 42 अति संवेदनशील मतदान केंद्र हैं।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा अति संवेदनशील केंद्र
दिल्ली में लोकसभा चुनाव के लिए कुल 13600 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से दिल्ली पुलिस ने 460 को अति संवेदनशील माना है। उत्तर-पूर्वी जिले में सबसे ज्यादा करीब 45 अति संवेदनशील मतदान केंद्र हैं। इनमें से करीब 20 को बहुत ही ज्यादा अति संवेदनशील मतदान केंद्र माना गया है।
42 हजार पुलिसकर्मियों की होगी तैनाती
मतदान के लिए 42 हजार पुलिसकर्मी किए जाएंगे। हालांकि, पुलिस की क्षमता 90 हजार से ज्यादा है। इनमें से जो पुलिस अधिकारी व कर्मी तैनात हैं, उनकी ड्यूटी वहीं रहेंगी। पुलिस ने गृहमंत्रालय से अर्द्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां मांगी हैं। पुलिस को अभी 10 ही कंपनियां मिली हैं। अर्द्धसैनिक बलों की 46 कंपनियां पुलिस को देने की बात कही जा चुकी र्ह। पुलिस ने उत्तराखंड, हरियाणा व यूपी से करीब 14 हजार होमगार्ड भी मांगे हैं।