बैंक खाता खोला गया या नहीं, इस बारे में उसे कुछ नहीं बताया गया। जांच के दौरान पुलिस को पता लगा 11 फर्जी कंपनियां खोलकर हेराफेरी की गई थी। काफी पड़ताल के बाद पुलिस की टीम ने आरोपी की लोकेशन ग्रेटर नोएडा में ट्रेस की। बाद में 21 अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।जांच के दौरान पता चला कि शशिकांत गुप्ता शाहदरा के एक कारोबारी परिवार से संबंध रखता है। उसके पिता की चांदनी चौक में बिजली के सामान की दुकान थी। आरोपी ने अपने व परिवार के नाम से चार कंपनियां खोलीं। बाद में ज्यादा पैसा कमाने के फेर में हेराफेरी करने लगा।
लालच देकर 25 लाख ठगने की कोशिश, दो विदेशी गिरफ्तार
एंबेसी के एक करोड़ रुपये देने का लालच देकर 25 लाख रुपये ठगने की कोशिश मामले में दक्षिण-पश्चिमी जिले की वसंतकुंज(नार्थ) थाना पुलिस ने दो विदेशी नागरिकों कैमरून अफ्रीका निवासी कामदजेउ कोलबर्ट उर्फ लज़ारे फोत्सो पुत्र यामाहा डेविड और कामलेउ निया एलेन पुत्र निया मौरिका को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने व्यवसायी से कहा कि उनके पास एंबेसी के 15 से 20 करोड़ रुपये हैं। इन नोटों पर एंबेसी की सील लगी है। इस कारण वह इन नोटों को इस्तेमाल नहीं कर सकते। आरोपियों ने पीडि़त से एक करोड़ रुपये देने के बदले 25 लाख रुपये मांगे। पुलिस ने इनके पास से 24.40 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। पीडि़त व्यवसायी अखिल घारू पुत्र देवेश घारू ने वसंतकुंज(साउथ) पुलिस स्टेशन में 19 अप्रैल को शिकायत दी थी कि कैमरून के दो नागरिक कामदजेउ कोलबर्ट और कामलेउ निया एलेन उससे 25 लाख रुपये ठगने की कोशिश कर रहे हैं। आरोपियों ने उसे 500 के नोट दिखाए हैं। उन्होंने बताया कि कथित विदेशी नागरिकों के जल्द ही महिपालपुर स्थित उसके कार्यालय में आने की उम्मीद है।
मामला दर्जकर एसीपी, एसडीपीओ/ वसंत कुंज सत्यजीत सरीन, वसंतकुंज (नार्थ) थानाध्यक्ष राजीव कुमार की देखरेख में एसआई ऋषिकांत, हवलदार जयप्रक्ष, सुनील और अनिल की टीम ने महिपालपुर में घेराबंदी कर यहां पहुंचे दोनों विदेश नागरिकों को पकड़ लिया। इनके कब्जे से एक सफेद बक्सा और नकली नोट एक्टिवेट करने वाली मशीन के रूप में काम करने वाला एक बड़ा बक्सा बरामद किया गया। बक्से में से 500 रुपये के नोट में 24.40 लाख के नोट बरामद हुए।
कुछ नोटों की करा रखी थी फोटोकॉपी
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा के अनुसार, आरोपियों ने कुछ रुपयों की ए-४ साइज पेपर में कई जगह फोटोकॉपी की हुई है। फोटोस्टेट करने के बाद आरोपियों ने इन नकली नोटों को नोटों की शक्ल में काट लिया। इसके बाद इन्हें लकड़ी के बॉक्स में रख दिया। आरोपियों ने पीडि़त को नकली नोटों को असली बताकर दिखाया था। इन्होंने ये भी कहा कि केमिकल से इन नोटों को धोकर वह असली रुपये बना देंगे। ये किशनगढ़ में किराए पर रह रहे थे।