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जनरल के सामने इस बार दोहरी चुनौती, विपक्षी लगा रहे जोर

Wed, 10 Apr 2019 03:39 AM IST
vivek shukla नितिन यादव, अमर उजाला, गाजियाबाद
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जनरल वीके सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
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राजधानी दिल्ली से सटी गाजियाबाद लोकसभा सीट पर केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह को गठबंधन व कांग्रेस की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पिछला रिकॉर्ड बरकरार रखने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ कुछ ही दिनों में तीन रैलियां कर चुके हैं। 25 लाख मतदाताओं वाले भाजपा के इस किले को भेदने के लिए सपा ने बसपा से आए पूर्व विधायक सुरेश बंसल को और कांग्रेस ने युवा डॉली शर्मा को प्रत्याशी बनाया है।

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2009 में राजनाथ सिंह को सांसद बनाने वाली यहां की जनता ने मोदी लहर में 2014 में जनरल वीके सिंह को पांच लाख से भी ज्यादा वोटों से जिताकर संसद भेजा। इस सीट पर मुस्लिम और ब्राह्मण मतदाताओं के साथ एससी और वैश्य वर्ग के वोटों की अच्छी तादाद है। वीके सिंह के लिए जहां मोदी के नाम का सहारा मदद पहुंचाता दिख रहा है, तो वहीं कुछ लोगों को उनके जनता के बीच नहीं रहने की शिकायत भी है। विजयनगर के राहुल विहार निवासी संजीव सिंह कहते हैं कि ऐसा सांसद चुनेंगे, जो हमारे बीच रहे। वहीं, साहिबाबाद के वसुंधरा सेक्टर दो के शशिभूषण झा ने सुरक्षा को मुख्य मुद्दा बताया।

हाईराइज बिल्डिंगों और गांव में मुद्दे अलग
राजनगर एक्सटेंशन निवासी, पेशे से इंजीनियर रोहित वर्मा गाजियाबाद लोकसभा में पहली बार वोट डालेंगे। उनका कहना है कि हाईराइज बिल्डिंग में रहने वाला वोटर भाजपा के साथ ही रहेगा। गाजियाबाद शहर में खरीदारी करने आए किसान अजय कुमार का कहना है कि सांसद ऐसा होना चाहिए जो सुख-दुख में साथ रहे। इस कसौटी पर वीके सिंह को खरा नहीं मानते। दुहाई के श्रीपाल शर्मा का कहना है कि कांग्रेस इस बार सबको चौंका देगी। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के वीके सिंह ने पांच लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी।  2009 में इसी सीट से भाजपा के राजनाथ सिंह सांसद चुने गए थे। 

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सभी दलों ने नेताओं की फौज उतारी
इस सीट को अपना गढ़ बनाए रखने के लिए चुनाव की घोषणा से ऐन पहले पीएम मोदी ने बड़ी जनसभा की, सीएम योगी बड़ी सभाएं कर चुके हैं। कांग्रेस की डॉली शर्मा के समर्थन में प्रियंका गांधी ने भी बड़ा रोड शो किया था। गाजियाबाद शहर के बीचों-बीच भीड़ जुटाकर अखिलेश यादव के सहारे गठबंधन ने भी ताकत दिखाई। 
 

जातिगत समीकरणों का सहारा
जनरल वीके सिंह के समर्थकों मानना है कि उन्हें हर वर्ग के वोट मिलेंगे। उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, मनोज सिन्हा और मनोज तिवारी उनके लिए अपील कर चुके हैं। कांग्रेस को ब्राह्मणों के साथ ही अल्पसंख्यक और परंपरागत वोटर मिलने का भरोसा है। उनके समर्थन में ज्योतिरादित्य सिंधिंया, गुलाम नबी आजाद और भूपेंद्र सिंह हुड्डा जैसे नेताओं की सभाएं हो चुकी हैं। गठबंधन ने सुरेश बंसल को मैदान में उतारा। सपा नेताओं का मानना है कि मुस्लिमों के साथ एससी-जाट तो गठबंधन के कारण और वैश्य वोटर प्रत्याशी के नाम पर मिलेंगे

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