दिल्ली एमसीडी के वित्तीय हाल को लेकर भाजपा ने दिल्ली सरकार को आड़े हाथ लिया है। भाजपा का कहना है कि एमसीडी का फंड रोककर दिल्ली सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है, जिसका खामियाजा एमसीडी कर्मचारियों और दिल्ली की जनता को उठाना पड़ रहा है। भाजपा ने इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि केंद्र सरकार दिल्ली की जनता के हितों का ख्याल रख रही है तो दिल्ली के मुख्यमंत्री राजनैतिक स्वार्थ पूर्ति के लिए एमसीडी का फंड रोककर उसे पंगु बनाने में लगे हैं।
उत्तरी दिल्ली एमसीडी के अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल हो गई है। एमसीडी को फंड देना मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार की नैतिक व संवैधानिक जिम्मेदारी है। जल्द से जल्द निगम का बकाया 5282.2 करोड़ रुपये का फंड रिलीज करें।
उधर, एमसीडी की खराब वित्तीय हालत को लेकर केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि एमसीडी की वित्तीय हालत बेहद खराब होती जा रही है। कर्मचारियों को वेतन देने का भी फंड उपलब्ध नहीं है। एमसीडी अस्पताल के डॉक्टर व स्कूलों के शिक्षक वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल पर जाने को मजबूर है।
उन्होंने दिल्ली सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। गोयल ने पत्र में कहा कि उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया और स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन इस मामले में बेफिक्र हैं। नए वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही वाले बजट को भी एमसीडी को नहीं मिला है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली सरकार एमसीडी के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। शीघ्र फंड नहीं देने पर भाजपा पार्कों में जाकर दिल्ली सरकार की पोल खोलेगी।
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली एमसीडी को पंगु बनाने का आरोप मुख्यमंत्री पर मढ़ा है। उन्होंने कहा है कि एमसीडी कर्मचारी महीनों से अटकी पड़ी वेतन से त्रस्त हो चुके हैं। उन्हे मजबूरन न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। केजरीवाल ऐसा एक सोची समझी साजिश के तहत कर रहे हैं।