उम्र के अंतिम पड़ाव में जब बुजुर्गों को दिखाई देना भी बंद हो जाता है। उस पड़ाव में आकर बुजुर्ग लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान कर रहे हैं। रविवार को हुए लोकसभा चुनाव में 100 का आंकड़ा पार कर चुके बुजुर्ग भी अपने मताधिकार प्रयोग के लिए मतदान केंद्राें पर पहुंचे।
परिजन बुजुर्गों को गोद में लेकर मतदान केंद्र तक पहुंचे। यहां उन्होंने परिजनों का सहारा लेकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बुजुर्गों के साथ आए परिजनों ने बताया कि राष्ट्र हित में वह सभी कार्य छोड़कर बुजुर्गों को वोट डलवाने लाए हैं।
चुनाव की घोषणा के बाद से बुजुर्ग रोजाना ही उनसे वोट की तारीख पूछ रहे थे। वह इस दिन के लिए काफी उत्साहित थे। वह राष्ट्रहित में मतदान करने के लिए पहुंचे हैं।
- गांव धर्मपुर निवासी 102 वर्षीय शांति देवी ने बताया कि उन्हें दिखाई नहीं देता। बेटा गाड़ी में बैठाकर मतदान केंद्र तक ले आया। बेटे की मदद से वोट दिया है।
-राजेंद्रा पार्क निवासी 85 वर्षीय धन्नो देवी का कहना है कि बीमारी के कारण चलने में काफी दिक्कत होती है। बेटा गाड़ी में बैठाकर ले आया। मतदान केंद्र के अंदर तक जाने में थोड़ी दिक्कत हुई।
- दौलताबाद निवासी 79 वर्षीय सरस्वती देवी ने बताया कि वह मतदान केंद्र पर बेटे के साथ आई हैं। बेटा स्कूटी पर लेकर आया है। बैठने में काफी दिक्कत है, लेकिन वोट करना भी जरूरी है।
- गांव धर्मपुर निवासी 85 वर्षीय शांति ने बताया कि बीमार होने के कारण उठने-बैठने में दिक्कत है। बहुत मुश्किल से चल पाती हूं। बेटा गोद में उठाकर वोट डलवाने लाया है।