लोदी एस्टेट के बंगले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के इंस्पेक्टर दशरथ सिंह व सब-इंस्पेक्टर करनैल सिंह एक ही कमरे में रहते थे। बताया जाता है कि किसी बात पर इन दोनों में खटपट हो गई। इस बात पर इंस्पेक्टर दशरथ सिंह ने एसआई का सामान कमरे से निकालकर दूसरे कमरे में रखवा दिया था।
जिस कमरे में सामान रखवाया था उस कमरे में कूलर और पंखा नहीं था। इस बात पर एसआई करनैल सिंह नाराज हो गया था। पुलिस का दावा है कि इसी वजह से एसआई ने इंस्पेक्टर की हत्या कर खुद को गोली मार ली। तुगलक रोड़ पुलिस को दूसरे कमरे में एसआई का बैड, वर्दी व अन्य सामान मिला है।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार इंस्पेक्टर दशरथ सिंह ने एसआई करनैल का सामान रात करीब 8 बजे दूसरे कमरे में रखा था। दो घंटे बाद एसआई करनैल सिंह ने इंस्पेक्टर पर गोली चलाकर खुद को भी गोली मार ली। पुलिस की शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि दोनों के बीच कमरे में कहासुनी हुई हुई थी।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों के शव का रविवार को कोरोना टेस्ट कराया गया है। इंस्पेक्टर व एसआई के शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए मेडिकल बोर्ड बनाया गया है। मेडिकल बोर्ड दोनों के शवों का सोमवार को पोस्टमार्टम करेगा।
पुलिस की जांच में ये बात भी सामने आई है कि एसआई करनैल सिंह इंस्पेक्टर की हत्या करने के बाद मौके से भागना चाहता था। मगर वहां और सीआरपीएफ के और जवान मौजूद थे, इस कारण वह भाग नहीं पाया था। मुख्य गेट बंद था। ऐसे में एसआई करनैल सिंह ने गार्ड रूम में जाकर खुद को गोली मार ली थी।
एके-47 से चली थीं 11 गोलियां
पुलिस अधिकारियों के अनुसार एसआई करनैल सिंह ने घटना में जिस एके-47 का इस्तेमाल किया था उससे 11 गोलियां चली थीं। एके-47 की मैगजीन में 30 गोलियां होती हैं। मैगजीन में 18 गोलियां मिली है। एक चैंबर में फंसी हुई थी। दो गोली इंस्पेक्टर को लगी हैं और एक गोली एसआई को लगी।
एसआई को इसी महीने तैनात किया गया था
नई दिल्ली के 61 लोदी एस्टेट में जो वारदात हुई है उसमें सीआरपीएफ के 25 जवान समेत अन्य सुरक्षा बलों के काफी जवान तैनात रहते हैं। एसआई करनैल सिंह की तैनाती इस बंगले पर इसी महीने हुई थी। घटना के बाद दूसरे जवानों को बंगले पर तैनात कर दिया गया है। यहां पर हर एक-दो महीने में जवानों की तैनाती बदल दी जाती है।