टिड्डी दल शनिवार दोपहर हरियाणा के फरीदाबाद से होत हुए गौतमबुद्ध नगर में पहुंचा। यहां करीब डेढ़ घंटे तक टिड्डी दल मौजूद रहा। टिड्डी दल भट्टा और मोहम्मदपुर जादौन में फसल पर बैठा, लेकिन किसान और प्रशासन की मुस्तैदी से गन्ना और चारे की फसल को नुकसान नहीं पहुंचा सका।
किसानों ने ताली, बंदूक, बर्तन और पटाखों का इस्तेमाल कर टिड्डी दल को भगा दिया। दोपहर तीन बजे बुलंदशहर में घुसने के बाद किसान और जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। दिल्ली और हरियाणा में शनिवार सुबह टिड्डी दल पहुंचने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन की टीम अलर्ट हो गई।
कृषि विभाग और अन्य अधिकारियों ने दनकौर, रबूपुरा और जेवर के गांवों में जाकर किसानों को टिड्डी दल के आने की सूचना दी। दोपहर करीब डेढ़ बजे टिड्डी दल फरीदाबाद से गौतमबुद्ध नगर के उस्मानपुर गांव पहुंचा। वहां से उटरावली, हाजीपुर, मोहम्मदपुर जादौन, दुबली, जौनचाना आदि गांव से होकर करीब तीन बजे टिड्डी दल बुलंदशहर के खुर्जा की तरफ चला गया।
उपनिदेशक कृषि अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि भट्टा और मोहम्मदपुर जादौन गांव में टिड्डी दल गन्ना और चारे की फसल पर बैठा था, लेकिन वहां किसान पहले से ही सतर्क थे। उन्होंने ताली, बर्तन, पटाखे और ढोल आदि की आवाज से टिड्डी दल को भगा दिया। हवा चलने के कारण टिड्डी दल जिले में अधिक देर तक नहीं रुक सका।
बताया कि टिड्डी दल फसल पर बैठता तो उनको नष्ट करने की पूरी तैयारी की गई थी। मेलाथियान, क्लोरो पायरी फास और फिपरोनिल के घोल का छिड़काव किया जाता। इसके लिए दमकल विभाग की गाड़ी और ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर का इंतजाम किया गया था। छिड़काव रात 11 बजे से 3 बजे के बीच किया जाता। तब यह काफी कारगर साबित होता है।
दो किमी लंबा और आधा किमी चौड़ा था टिड्डी दल
जिले से होकर निकला टिड्डी दल काफी बड़ा था। यह दल दो किमी लंबा और आधा किमी चौड़ा था। सामान्य ग्रास हौपर के मुकाबले यह दल काफी खतरनाक होता है। जिस फसल पर बैठता है, उसे पूरी तरह से नष्ट कर देता है। फसल के अलावा यह सभी तरह के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाता है।