टिड्डियों का एक दल फिर एनसीआर के करीब पहुंच गया है। पिछले दिनों यह दल दिल्ली के आस-पास के इलाकों में सक्रिय रहा है। अब इस दल ने हरियाणा के नूंह जिले पर धावा बोला है।
जानकारी के मुताबिक सोमवार शाम को टिड्डियों का दल नूंह जिले के पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका शहर मे पहुंचा। लेकिन प्रशासन ने किसानों के साथ पूरी रात मेहनत कर टिड्डियों को यहां से भगा दिया। जिससे कोई ज्यादा नुकसान हुआ है। टिड्डियों का दल करीब 8 किलोमीटर दायरे में था।
पुन्हाना के गांव लुहिगा कलां से यह दल दो हिस्सों में बंट गया। जहां से यह आधा राजस्थान और आधा फिरोजपुर झिरका की तरफ चला गया। इनकी संख्या करोड़ो में बताई जा रही है।
यूपी से होडल में दूसरी बार पहुंचा टिड्डी दल
सोमवार की देर सांय तेज हवा के साथ आई बरसात से पहले ही लाखों की संख्या में टिड्डी दल ने पेड़ों और फसल पर डेरा जमा लिया। क्षेत्र के गांव सौन्दहद ,बंचारी में पहुंचे टिड्डी दल ने एक बार फिर से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी। जंगल में टिड्डी पहुंचने की सूचना मिलते ही एसडीएम अमरदीप सिंह, कृषि विभाग के एसडीओ कुलदीप सिंह,खंड कृषि तकनीकि अधिकारी रामदेव, क्षेत्रीय पटवारियों के साथ जंगल में पहुंच गए और दमकल व पिकअप गाडियों तथा स्प्रे मशीनों के माध्यम से खेतों में फसल और पेडों पर दवा का छिडकाव कराया।
किसानों द्वारा टिड्डी बैठने से फसल को नुकसान बताया जा रहा है, लेकिन अभी नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों और किसानों की तत्तपरता के चलते टिड्डी दल मंगलवार दोपहर से पहले ही मेवात की तरफ चला गया। जिसके बाद क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली।
कृषि विभाग के अनुसार टिड्डी दल से फसल और पेड़ों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। इससे पहले 27 जून की देर शाम भी टिड्डी दल ने होडल व आसपास के दर्जनों गांवों के जंगल में पेड़ों पर अपना डेरा जमा लिया था। बाद में किसानों और प्रशासन की तत्तपरता के बाद टिड्डी दल यमुना नदी पार कर यूपी की तरफ भाग गया था। बीती शाम तेज हवा के साथ हजारों की संख्या में आसमान में टिडिडयां उड़ती देख किसानों ने खेतों की तरफ रुख कर लिया।
क्षेत्र के किसानों ने अपने अपने तरीकों से टिड्डी को भगाने का प्रयास किया लेकिन रात का अंधेरा होने के कारण टिड्डियों ने पेड़ों पर अपना डेरा जमा लिया। इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन पहले से ही अर्लट था। जंगल में दोबारा से टिड्डी दल के पहुंचने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने दमकल की गाड़ियों के माध्यम से खेतों में खडी फसल और पेडों पर दवा का छिड़काव कराना शुरु कर दिया।
खेतों पर पहुंचे टिड्डी दल को किसी ने थाली,ढ़ोल,बाजे,तेज आवाज के अलावा अन्य धुनी यंत्र बजाकर उन्हें भगाने का प्रयास किया तो कुछ किसान खेतों पर धूंआ आदि कर टिड्डी दल को भगाने में जुट गए। हालांकि टिड्डी दल ने रात का समय पेड़ों और कुछ फसल पर ही गुजारा,लेकिन किसानों और प्रशासन की मुस्तैदी के चलते मंगलवार को दोपहर से पहले ही टिड्डी दल ने मेवात की तरफ रुख कर लिया। जिसके बाद ही क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली।