गुरबत की जिंदगी जीने वालों के जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, यदि उसके हौसले बुलंद हैं तो मंजिलें हासिल हो ही जाती हैं।
शहर में कुछ ऐसे ही गरीब परिवार के प्रतिभावान बच्चे हैं, जिन्होंने इन अड़चनों को पार कर ग्लैमर की दुनिया में अपने पैर जमा लिए हैं। वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन देश-दुनिया के मंचों पर कर रहे हैं।
प्रतिभावान युवाओं में कोई मिस्त्री का बेटा है, तो कोई सिलाई मशीन पर काम करने वाले का। किसी के पिता पंक्चर जोड़कर गुजारा कर रहे हैं, तो किसी ने चाय बेचकर बच्चों को आगे बढ़ाया है।
गरीबों को मंच उपलब्ध करवाने वाली एक अकादमी ने ऐसे सात युवाओं को स्टार बनाया है। वे टीवी पर चर्चित शो इंडिया गॉट टैलेंट और एंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा आदि में अपनी प्रस्तुति से जजों और जनता का दिल जीत चुके हैं।
ये बच्चे शाहरुख खान, प्रियंका चोपड़ा, रणवीर सिंह, परिणीति चोपड़ा की फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। ख्यातिलब्ध कवि दिनेश रघुवंशी का कहना है कि ‘जिसे हम छू नहीं पाएं यहां मंजिल नहीं कोई/अगर जज्बा हो लड़ने का तो फिर मुश्किल नहीं कोई...’। इसलिए गरीबी से घबराईए नहीं, परिस्थितियों से लड़िए।
शहर की सात प्रतिभाएं:
बल्लभगढ़ की भाटिया कॉलोनी में रहने वाले पंकज (23) के पिता एक निजी कंपनी में सिलाई मशीन बनाने का काम करते हैं और माता गृहणी हैं। मिस्त्री के बेटे पंकज को बचपन से ही कुछ अलग कर दिखाने की चाहत थी।
अब वे अपनी लगन के बल एक अच्छे कोरियोग्राफर हैं। उन्हें इंडिया गॉट टैलेंट में 2012 में प्रस्तुति देने का मौका मिला। इसके बाद पीछे पलट कर नहीं देखा। वे अब एक चैनल के लिए काम कर रहे हैं।
बल्लभगढ़ की फ्रेंड्स कॉलोनी के रहने वाले माइकल होशियार सिंह ने टैलेंट मैट्रिक्स अकादमी की शुरुआत की। वे इंडिया गॉट टैलेंट सीजन-4 में अपना बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं।
वहीं निर्देशक यशराज की फिल्म लेडिस वर्सेस रिकी बहल में जिमनास्टिक का शानदार प्रदर्शन किया। यह मौका उन्हें इंडिया गॉट टैलेंट से ही मिला। शहर के रावल पब्लिक स्कूल से 10वीं और 12वीं की है। डीयू से स्नातक कर रहे हैं।
19 साल के सूरज चावला कॉलोनी के रहने वाले हैं। उनके पिता चाय बेचने का काम करते हैं। इतनी कम उम्र में वे ख्याति प्राप्त कर चुके हैं।
वे इंडिया गॉट टैलेंट, एंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा, एक निजी चैनल और अन्य कई बड़ी कंपनियों के कॉरपोरेट शो कर चुके हैं। अभी वह जिमनास्टिक के ट्रेनर हैं और डांस व एक्टिंग सीख रहे हैं।
गांव बड़ौली के रहने वाले अनूप के पिता एक निजी कंपनी में बहुत ही कम वेतन पर काम करते है। अनूप की उम्र 18 वर्ष है। अपने कॅरियर के लिए 16 साल की उम्र में अपना घर छोड़ दिया और अकादमी में शामिल हो गए। यह एक अच्छे डांसर हैं।
परिवारवालों ने जब उन्हें टीवी के एक शो दिल से नाचे इंडिया वाले में परफॉर्म करते देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद परिवारवालों ने इनका साथ देना शुरू किया।
एक शो में अच्छी प्रस्तुति को देखते हुए शाहरूख खान ने उन्हें लैपटॉप गिफ्ट किया था। इंडिया गॉट टैलेंट में भी यह अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं।
ओल्ड फरीदाबाद की बसेलवा कॉलोनी में रहने वाले भुवन 10 वर्ष के हैं। उनके पिता पंक्चर जोड़ने का काम करते हैं और माता आंगनवाड़ी में आशा वर्कर हैं। वे एक अच्छे जिमनास्ट हैं।
जिमनास्टिक में एक गोल्ड और दो सिल्वल मेडल जीत चुके हैं। वहीं एंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा और इंडिया गॉट टैलेंट सीजन-5 में परफॉर्म कर चुके हैं। उनके जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई है।
कृतिका के पिता योग सिखाते हैं। अपने गुरबत के दिनों को याद कर आज भी इनकी आंखें नम हो उठती हैं। शहर की रहने वाली कृतिका टैलेंट मैट्रिक्स अकादमी में डांस टीचर हैं।
वह अब तक 500 से अधिक शो किंगडम ऑफ ड्रीम्स में कर चुकी हैं। उन्होंने पहली बार अपने देश की लड़कियों की जिमनास्ट टीम को एक निजी चैनल में लीड किया था। हाल ही में वह इजिप्ट में परफॉर्म करके लौटी हैं।
25 वर्ष के गौरव बल्लभगढ़ फ्रेंड्स कॉलोनी के रहने वाले हैं। उनके पिता एक निजी कंपनी में काम करते हैं। गौरव 3डी मेकर हैं। गरीब बच्चों की प्रतिभा निखार रही इस अकादमी के सभी शो को यही डिजाइन करते हैं।