परिवहन विभाग अब ट्रकों और मालवाहक वाहनों की ओवरलोडिंग पर लोड कंट्रोलिंग डिवाइस से नजर रखेगा। इस डिवाइस के लगने के बाद चालक ट्रक में तब तक गियर नहीं डाल पाएगा जब तक तय सीमा के बराबर लोड नहीं होगा। इसके लिए विभाग ने मोटर-व्हीकल कंपनियों को लोड कंट्रोलिंग डिवाइस लगाने के आदेश दिए हैं।
परिवहन विभाग के अनुसार ओवरलोड वाहनों से हादसों का खतरा 20 गुना बढ़ जाता है और सड़कें ज्यादा टूटती हैं। पांच साल पहले रोड डैमेज एंड कंट्रोल ओवरलोड व्हीकल रूल्स लागू किया था।
इसके चलते ओवरलोड वाहनों को सीज करने और वाहन के चालक तथा मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश थे। पांच साल में शासन ने सात बार कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए, इसके बावजूद आरटीओ स्तर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
यह है नुकसान
एक शोध के अनुसार ओवरलोड वाहनों से सड़कों, पुलों और विद्युत लाइनों को ज्यादा नुकसान होता है। ऐसे वाहनों पर चालक का प्रभावी नियंत्रण नहीं रहता है और हादसे बढ़ जाते हैं। अफसरों के रोके जाने-कार्रवाई करने पर वाहन चालक-मालिक और व्यापारी संगठन विरोध करते हैं।
यह होगा उपाय
वाहन कंपनियां नए मालवाहक वाहनोें के गियर बाक्स में और पुराने वाहनों में इंजन में डिवाइस लगाई जाएगी। यह डिवाइस वाहन की स्वीकृत लोड क्षमता तय करेगी। ऐसे में ओवरलोड होते ही यह डिवाइन इंजन और गियर बाक्स का सिस्टम कट कर देगी। ओवरलोड होने पर वाहन का इंजन चालू रहेगा, लेकिन आगे नहीं बढ़ेगा।
यह अच्छा निर्णय है। इससे वाहन भी सुरक्षित रहेगा। ट्रांसपोर्ट यूनियन इसका स्वागत करेगी और सभी को वाहनों में डिवाइस लगाने के लिए प्रेरित करेगी।- कमलेश कुमार कम्मो, अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट ट्रक यूनियन