एशिया में पहली बार सफदरजंग अस्पताल में यूरिनरी इनकोंटिनेंस बीमारी से पीड़ित मरीजों की लाइव सर्जरी हुई। रविवार को लाइव सर्जरी देखने और सीखने के लिए देश के कई राज्यों से गाइनोकोलॉजिस्ट और यूरोलॉजिस्ट इकट्ठा हुए।
इसके लिए जर्मनी के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के प्रो डॉ. वोलफ्राम जैगर को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। जबकि मुख्य अतिथि के तौर पर एम्स के निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा, सफदरजंग के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीडी अथाणी समेत कई अन्य चिकित्सक और विशेषज्ञ उपस्थित थे।
सफदरजंग अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि एशिया में पहली बार सफदरजंग में यूरिनरी इनकोंटिनेंस बीमारी की सर्जरी की गई है। चार दिन पहले इस बीमारी से पीड़ित एक मरीज की सर्जरी की गई थी।
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जबकि रविवार को इससे पीड़ित तीन मरीजों की सर्जरी की गई। लाइव सर्जरी को देश-विदेश से आए गाइनोकॉजिस्ट और यूरोलॉजिस्ट ने देखा। विशेषज्ञों की टीम ने इलाज और बीमारी की बारीकियों से चिकित्सकों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि फिलहाल इलाज के लिए छोटी ओपन सर्जरी की जा रही है लेकिन बहुत जल्द लेप्रोस्कोपिक विधि से इसका इलाज होगा।
डॉ. कुमार ने कहा कि भारत में 40 वर्ष से ज्यादा उम्र की हर तीन में से एक महिला यूरिनररी इनकोंटिनेंस बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी से पीड़ित महिलाओं को यूरिन पर कंट्रोल नहीं रह पाता है। अभी तक बीमारी पर नियंत्रण के लिए दवा दी जाती थी लेकिन यह स्थाई इलाज नहीं था। लेकिन इस सर्जरी के बाद मरीज की परेशानी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है।