पुतला दहन से पहले राष्ट्रपति ने देशवासियों को विजयादशमी की बधाई दी। उन्होंने कहा कि अनैतिक कार्यों के कारण ही रावण का दहन किया जाता है। विजयादशमी का पर्व नैतिकता और सदाचार का पर्व है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जीवन पूरे मानव समाज के लिए एक संदेश है। इसमें राम-केवट मिलन या फिर सबरी के बेर खाना एक ऐसा उदाहरण है जो समाज को आज भी सद्भाव का संदेश देता हैं।
उन्होंने कहा कि देश के सामने कई प्रकार की चुनौतियां है। इसका निरावरण धैर्य और साहस के साथ करने की जरूरत है। भगवान राम ने प्रकृति के सामंजस्य के साथ लंकापति रावण पर विजय प्राप्त की थी। आइए हम सब मिलकर रावण के पुतले के साथ अपना अहंकार, आतंकवाद और अन्य बुराइयों का भी दहन करें।
राम रावण युद्ध का दृश्य चल रहा है। थोड़ी ही देर में रावण के पुतले पर तीर मारा जाएगा। इसके बाद अब रावण के पुतला का दहन होगा।
इस दशहरे पर पंजाब में धूम मची हुई है। लुधियाना में जगह-जगह मेला लगा हुआ है। मेले में जमकर आतिशबाजी की जा रही है। मेले के कारण शहर में जगह-जगह जाम लगा हुआ है।
वहीं हरियाणा के पंचकूला में भी 211 फीट का रावण दहन किया गया।