दिल्ली में सातों लोकसभा सीट को लेकर जल्द ही भाजपा अपने पत्ते खोलने जा रही है। इसी हफ्ते में पार्टी हाईकमान की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा की जा सकती है। अभी तक भाजपा अप्रैल माह के पहले सप्ताह में अपनी सूची जारी करने का फैसला ले चुकी थी, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि आप और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर अब हाईकमान जल्दबाजी नहीं करना चाहती।
चूंकि दिल्ली में नामांकन भी 16 अप्रैल से शुरू होंगे। ऐसे में हाईकमान के पास भी सीमित समय है। बीते दिनों ट्विटर चौपाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने 5 अप्रैल तक सूची आने की बात कही थी। यही नहीं, मौजूदा दिल्ली के सांसद भी नहीं जानते कि सूची में उनका नाम होगा या नहीं? इस स्थिति के कारण सांसद खुलकर प्रचार भी नहीं कर पा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर पार्टी हाईकमान गंभीर है। गठबंधन के बाद सामने आने वाले उम्मीदवारों को परखने के बाद ही हाईकमान अपने उम्मीदवार मैदान में उतारना चाहती है। हालांकि कहा ये भी जा रहा है कि गठबंधन के बाद सीटें स्पष्ट होने और उम्मीदवार सामने आने के बाद भाजपा अपनी रणनीति में कुछ अहम बदलाव भी कर सकती है, जिसके बारे में फिलहाल हाईकमान को ही जानकारी है।