हाईटेक इंटीग्रेटेड सिटी की तर्ज पर अब आवास विकास परिषद दिल्ली-सहारनपुर योजना को भी विकसित करने की तैयारी कर रहा है। योजना के एक बड़े हिस्से को ग्रुप हाउसिंग सोसायटीज बनाने के लिए निजी कंपनियों को सौंप दिया जाएगा।
परिषद ने चुनाव खत्म होते ही अब योजना के विकास की रूपरेखा तैयार कर ली है। जल्द ही प्रस्ताव को मुख्यालय भेजा जाएगा।
परिषद ने करीब 3700 एकड़ की दिल्ली-सहारनपुर योजना के विकास की तैयारी शुरू कर दी है। अभी तक करीब छह हजार फ्लैटों की योजना परिषद लांच कर चुका है। मगर अधिक रुझान नहीं आने के चलते परिषद योजना को जल्दी से हिट कराने की प्लानिंग कर रहा है।
इसके लिए योजना को निजी बिल्डरों के हवाले साैंपा जाएगा। योजना में करीब 500 एकड़ भूमि को पहले निजी बिल्डरों को सौंपा जाएगा। इसके बाद परिषद ऋषि मंडप योजना लेकर आएगा।
आवास आयुक्त एमकेएस सुंदरम ने बताया कि जल्द ही योजना के संबंध में बनी योजना को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। कई प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इन पर जल्द ही अंतिम मुहर लग जाएगी।
यमुना पर पुल बनाकर दिल्ली से जोड़ा जाएगा
योजना को दिल्ली के बेहद करीब लाने के लिए परिषद ने नई योजना तैयार की है। सिंचाई विभाग से बात कर परिषद यमुना पर पुल का निर्माण किया जाएगा। पुल का निर्माण होता है तो योजना की दिल्ली से दूरी सिर्फ दस मिनट होगी। यह पुलिया आउटर रिंग रोड पर वजीराबाद में दिल्ली में मिलेगी। इसके लिए परिषद ने सिंचाई विभाग को प्रस्ताव भेजा है।
फाइलों में सिमटा डीएलएफ का सीवर प्रोजेक्ट
डीएलएफ कॉलोनी की सीवर समस्या हल कराने का अधिकारियों का दावा और प्रोजेक्ट फाइलों में सिमट गया है। सीवर समस्या एक बार फिर उफन रही है, रेजीडेंट्स परेशान हैं और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। जिससे रेजीडेंट्स का गुस्सा उग्र हो रहा है। रेजीडेंट्स का आरोप है कि आंदोलन के बाद अधिकारी जागे और फिर सो गए। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष हरीश कसाना ने बताया कि पंद्रह दिन पहले जीएम जलकल से बात हुई उन्होंने एक हफ्ते में काम शुरू कराने का आश्वासन दिया मगर समस्या जस की तस है। दिलशाद गार्डन आरडब्ल्यूए के संयोजक मानसिंह गोस्वामी ने बताया कि अधिकारी बिजली नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।