- दोषी पर 30 नाबालिग बच्चों के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले हैं दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। रोहिणी कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक दोषी को दो साल की बच्ची के अपहरण और हत्या के एक अलग मामले में भी इसी तरह की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत, रविंदर के खिलाफ सजा पर बहस सुन रहे थे, जिसे पिछले महीने 2014 के एक मामले में दोषी ठहराया गया था। मुख्य लोक अभियोजक ने दावा किया कि दोषी एक सीरियल किलर था, जिसने पहले भी अन्य बच्चों का अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की थी।
वकील ने दावा किया कि रविंदर के खिलाफ लगभग 30 ऐसे ही मामले दर्ज हैं। मृत्युदंड की मांग करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि दो साल के बच्ची के अपहरण और हत्या से पता चलता है कि दोषी एक मनोरोगी था, जो सुधार से परे था। अदालत ने कहा कि हालांकि दोषी की देखभाल करने के लिए एक बुजुर्ग मां है, लेकिन यह तथ्य पीड़ित के माता-पिता के दर्द और दुख को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
अदालत ने अभियोजक के इस तर्क पर गौर किया कि रविंदर के खिलाफ नाबालिग बच्चों के दुष्कर्म और हत्या के कई मामले दर्ज हैं। अदालत ने कहा कि यह भी विचारणीय है कि इनमें से अधिकतर मामलों में उसे बरी कर दिया गया है और उसे केवल तीन मामलों में ही दोषी ठहराया गया है, जिनमें यह मामला भी शामिल है। इस प्रकार दोषी के मामले पर इस आधार पर विचार नहीं किया जा सकता कि उसने लगभग 30 नाबालिग बच्चों का अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की है। न्यायाधीश ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इससे पहले मई 2023 में एक अदालत ने 2015 में छह साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के लिए रविंदर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने टिप्पणी की कि दोषी ने नृशंस दुष्कर्म और हत्या की है।