ढाबे पर खाना लेने के दौरान 150 रुपये को लेकर झगड़े में परिचित युवक दलीप की हत्या के दोषी योगेंद्र को जिला अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पक्षों को सुनने के बाद पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने सजा पर फैसला सुनाया। पैनल अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।
खेड़ीपुल थाने में ये एफआईआर 30 जनवरी 2022 को अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में दर्ज हुई थी। बुढैना गांव निवासी तेजपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 29 जनवरी 2022 को पेंटर का काम करने वाला उनका 26 साल बेटा दलीप काम से घर लौटा। रात लगभग नौ बजे वो बुढैना चौक स्थित शिव ढाबे पर खाना लेने चला गया। इसके बाद वो वापस ही नहीं लौटा। अगले दिन 30 जनवरी की अल-सुबह गांव के ही एक व्यक्ति ने तेजराम को बताया कि तुम्हारा बेटा दलीप बुढैना पुलिया के पास पड़ा हुआ है। तेजराम वहां पहुंचे तो बेटा मृत था। उसे ऑटो में डालकर घर ले आए। यहां देखा तो उसके शरीर पर चोट के निशान थे। सूचना पुलिस को दी गई।
खेड़ीपुल थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो मृतक के शरीर पर 8 चोट पता चलीं। जांच शुरू की गई तो ढाबे के पास जाकर पुलिस ने पूछताछ की जिसमें पता चला कि छांयसा थाना एरिया के गडखेड़ा गांव निवासी 30 साल के योगेंद्र और दलीप में झगड़ा हुआ था। पुलिस ने योगेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। योगेंद्र ने बताया कि उसकी बहन की ससुराल बुढैना गांव में है। वो दलीप को पहले से जानता था। ढाबे पर खाने के रुपये उसने दे दिए थे, जिसमें से 150 रुपये बचे तो वो भी दलीप ने रख लिए थे।
इन्हीं को लेकर विवाद हुआ तो लात-घूसों से मारपीट के बाद उसने दलीप के सिर पर टाइल मार दी। वारदात के बाद वो मौके से भाग गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा और चालान पेश किया जिसमें 18 गवाह बनाए गए। ट्रायल के दौरान सरकारी वकील जगदीश चंद शर्मा ने गवाहों की गवाही कराई। सभी पक्षों को सुनकर जिला अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुनाया है।