बाहरी उत्तरी जिला पुलिस ने अवैध रूप से नरेला औद्योगिक क्षेत्र में रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 121 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की है। सभी आरोपियों के पास से भारतीय दस्तावेज मिले हैं। पुलिस ने पांच मकान मालिकों से पूछताछ की है। साथ ही एक को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने उन्हें निर्वासित करने के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) में पेश किया। जहां इन सभी के खिलाफ निर्वासन आदेश जारी किए गए हैं। बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त निधिन वालसन ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में 831 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच की गई। जिसमें 121 लोग अवैध रूप से रहते हुए पाए गए।
पुलिस की टीम ने इसको लेकर पांच मकान मालिकों से पूछताछ की। साथ ही एक को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा है। पुलिस ने इस बाबत नरेला औद्योगिक क्षेत्र थाने में एक मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच टीम बांग्लादेशियों के पास से मिले नकली दस्तावेजों, जैसे बिजली मीटर कनेक्शन, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र के बारे में छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि नकली दस्तावेज बनवाने वाले की पहचान की जा रही है। पुलिस ने संबंधित विभागों को भी नोटिस जारी किए हैं। पुलिस अधिकारी का कहना है कि नकली दस्तावेज बनाने में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
15 मई को पकड़े थे 361 बांग्लादेशी नागरिक
जानकारी के लिए बता दें कि बीती 15 मई को दिल्ली में पुलिस ने छह जिलों में तीन दिनों के अंदर 361 से ज्यादा अवैध बांग्लादेशियों को पकड़ा था। इनमें से ज्यादातर को बांग्लादेशी वापस डिपोर्ट कर दिया गया है। कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने तक बाकी को लामपुर और शाहजादपुर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। जांच में बांग्लादेश से भारत में घुसने का नया रूट भी सामने आया है।
पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया था कि बाहरी जिला पुलिस ने सबसे ज्यादा 200 से ज्यादा अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा उत्तर जिला पुलिस ने 46, द्वारका जिला पुलिस ने 25 से ज्यादा, दक्षिण जिला पुलिस ने 40 से ज्यादा, दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने 30 से ज्यादा और पश्चिमी जिला पुलिस ने 20 से ज्यादा अवैध बांग्लादेशियों को पकड़ा था।
इस रूट से भारत में करते हैं एंट्री
अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के बाद बांग्लादेश से भारत में प्रवेश का नया रूट सामने आया है। ये बांग्लादेशी कूच बिहार की तरफ से खेतों से भारत में प्रवेश करते हैं। यहां ये कोलकाता के मालदा रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं। इनके बाद ये ट्रेन से दिल्ली पहुंच जाते हैं। आरोपियों से पूछताछ में पता लगा कि कुछ बांग्लदेशियों ने भारत में खुद ही प्रवेश किया था, जबकि कुछ ने एजेंट के जरिए प्रवेश किया है।
ये भी पढ़ें: Delhi: जामिया ने सात छात्रों को निकाला, 20 को किया नोटिस जारी, छात्रों के दो गुटों में हुआ था झगड़ा