आरके पुरम थाना पुलिस ने तीन लिफाफा गिरोह का पर्दाफाश कर आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपी 100 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। बदमाश लिफ्ट देने के बहाने लोगों को कार में बिठा लेते थे। इसके बाद पुलिस चेकिंग का डर दिखकर उनसे ज्वेलरी व महंगा सामान लिफाफे में रखवा लेते थे। आरोपी आपस में वॉकी-टॉकी से बातचीत करते थे।
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी इंगित प्रताप सिंह के अनुसार जिले में कुछ माह से ऐसी वारदात हो रही थीं जिनमें लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाने के बाद पुलिस चेकिंग के बहाने ज्वेलरी व कैश लिफाफे में रखवा कर ठगी की जाती थी। गिरोह के बदमाश पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए वॉकी-टॉकी पर पुलिस के मैसेजों की रिकॉर्डिंग चलाते थे। मौका लगते ही पीड़ित का लिफाफा बदलकर सुनसान जगह पर उतार देते थे।
आरके पुरम थानाध्यक्ष राजेश शर्मा को इसी तरह के लिफाफा गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद राजेश शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर देवेंद्र परवाना, एसआई सतेन्द्र पूनिया व एसआई पूरनमल मीणा व अमर सिंह की टीम ने एक गिरोह के तीन बदमाश त्रिलोकपुरी निवासी इसरार उर्फ वसीम (23), प्रदीप (35) और गीता कॉलोनी निवासी मोनू (30) को 18 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया।
इनसे पूछताछ के बाद दो गिरोह के त्रिलोकपुरी निवासी कमल उर्फ सोनू (32), अमन (23), उमा शंकर (56), नजीम (23) और अंकित (29) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से ठगी के सात केसों को सुलझाने का दावा किया है। इसरार के खिलाफ 7, प्रदीप के खिलाफ 21, मोनू के खिलाफ 21, कमल के खिलाफ 7, अमन व उमाशंकर के खिलाफ एक-एक, नजीम के खिलाफ 2 और अंकित के खिलाफ 3 मामले दर्ज हैं।
बरामद सामान
वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली तीन कारें, सोने की ज्वेलरी, तीन वॉकी-टॉकी, 100 से ज्यादा लिफाफे, दिल्ली पुलिस के मास्क, आठ मोबाइल, पीड़ित के 20 एटीएम कार्ड आदि।