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दिल्ली: एलजी ने की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक, सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट की ली जानकारी

Fri, 26 Oct 2018 05:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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उपराज्यपाल अनिल बैजल
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उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान दिल्ली पुलिस के क्राइम व क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टमस (सीसीटीएनएस) प्रोजेक्ट सहित अन्य कार्यक्रमों की जानकारी ली। अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त ने इस प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति पर एक विस्तृत प्रजेंटेशन दिया।

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बैठक में उपराज्यपाल को बताया गया कि सीटीएनएस प्रोजेक्ट फेज-वन 30 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट कोर एप्लिकेशन वर्जन को 3.0 से 4.5 तक अपग्रेड किया गया है। रियल टाइम डाटा एंट्री, तेज खोजबीन, बेहतर व व्यापक सांख्यिकी रिपोर्ट, मैनुअल रोजनामचा को समाप्त करना, पंजीकरण मॉड्यूल में केवल ऑनलाइन प्रविष्टि करना, कोई भी कार्य में मानवीय हस्तक्षेप व दोहराव नहीं होने, बेहतर डेस्क बोर्ड से संबंधित जानकारी उपराज्यपाल को दी गई। यह भी बताया गया कि वर्तमान उन्नत वर्जन 4.5 दिल्ली पुलिस के एप्लिकेशंस जैसे डायल 100 (पीसीआर काल्स), वाहन चोरी के लिए ई-एफआईआर पर्सनल इंफारमेशन सिस्टम (पीआइएस) के साथ एकीकृत किया गया है। इन एप्लिकेशंस के अतिरिक्त चोरी के लिए ई-एफआईआर, स्वचालित फिंगर एवं पाम प्रिंट पहचान प्रणाली, अपराध व अपराधिक सूचना प्रणाली, जिपनेट को भी सीएएस 4.5 के साथ एकीकृत करने का काम अंतिम चरण में है। 7.6 लाख एफआईआर को कामन इटींग्रेटेड पुलिस एप्लिकेशन से सीसीटीएनएस में माइग्रेट किया गया है।

इसके अतिरिक्त छेड़छाड़ से संबंधित अपराध (2503), वरिष्ठ नागरिकों (36825) के मामले सीसीटीएनएस डेटा बैंक में उपलब्ध हैं। डेटा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों व डेटा की सही प्रविष्टि को सुनिश्चित करने के लिए आपरेटरों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे है। सभी जिले में सीसीटीएनएस सेल बनाए गए हैं। नौ नागरिक सुविधाओं को भी इसमें जोड़ा गया है। किराएदारों का पंजीकरण, खोई-पाई वस्तु, आर्थिक व साइबर अपराधों के लिए आनलाइन शिकायत, वाहन चोरी की ई-एफआईआर, संपत्ति चोरी की ई-एफआईआर, लावारिस/जब्त वाहनों की खोज, चोरी/खोए हुए मोबाइल, छेड़छाड़ अपराधों की सूची, कुख्यात अपराधी, आरटीआई, वरिष्ठ नागरिक, महिला सुरक्षा ऐप (हिम्मत), यातायात को भी सीसीटीएनएस के अंतर्गत लाया गया है।
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बैठक में उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन को समयबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। समय निर्धारण बेहद आवश्यक है। इसे सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। सीसीटीएनएस का लाभ दिल्ली पुलिस की जांच की दक्षता में सुधार के साथ ही बेहतर नागरिक सेवा उपलब्ध कराएगा। सिक्योरिटी आडिट की आवश्यकता पर जोर देने को कहा। 

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