दिल्ली में उप राज्यपाल नजीब जंग को भी अरविंद केजरीवाल की बनाई हेल्पलाइन सुविधा भाने लगी है। जंग इस हेल्पलाइन सुविधा को और बेहतर बनाने की ओर जोर दे रहे हैं।
सरकार आपकी समस्याएं ऑनलाइन सुनेगी। दिल्ली सचिवालय में बने हेल्प डेस्क के अलावा आप समस्याएं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए आपको वेबसाइट pgms.delhi.gov.in पर लॉग इन करना होगा। उपराज्यपाल कार्यालय की निगरानी होने के कारण निपटारे में भी दिक्कत नहीं होगी।
वहीं, भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए चल रहे हेल्पलाइन नंबर 1031 और महिला प्रताड़ना के लिए चालू नंबर 181 भी जारी रहेगा। उपराज्यपाल नजीब जंग ने शुक्रवार को हेल्पलाइन को हेल्पफुल बनाने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
इस हेल्पलाइन में कैसे करें शिकायत?
दिल्ली सरकार के सभी विभाग, एमसीडी, डीडीए, पुलिस से संबंधित कोई शिकायत है तो आप दिल्ली सचिवालय में सीधे हेल्पडेस्क पर दे सकते हैं।
वेबसाइट पर लॉग इन करने के लिए नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस, घर का पता, 2000 कैरेक्टर में शिकायत, इलाका, संबंधित विभाग (154 विभागों की सूची में से) भरना होगा। इसके अलावा आप 200 केबी तक की पीडीएफ फाइल भी उसके साथ अटैच कर सकते हैं।
यह सब भरने के बाद सबमिट का बटन दबाना होगा। आपके मोबाइल पर एक शिकायत नंबर मिलेगा। भविष्य में स्टेटस उसी से देखा जा सकेगा।
आखिर कैसे निपटेगी इससे समस्या?
पब्लिक ग्रिवांस मॉनिटरिंग सिस्टम (पीजीएमएस) में 154 विभागों की जुड़ी अलग-अलग तरह की समस्या के लिए समय सीमा निर्धारण की सूची बनाई गई है।
समस्या के हिसाब से उसे अपलोड करते समय ही शिकायत निवारण की तारीख तय कर दी जाती है। अगर सुझाव है तो उसे संबंधित विभाग के अलग सेक्शन को भेजा जाता है।
जबकि शिकायतों का निपटारा समय पर कराने की जिम्मेदारी विभाग के मुखिया को दी गई है। शिकायत निपटाने के बाद शिकायतकर्ता के मोबाइल पर सूचना भी आएगी।
अरविंद केजरीवाल ने की थी शुरुआत
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ इस हेल्पलाइन की शुरुआत की थी। हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए केजरीवाल ने कहा था कि एंटी करप्शन ब्यूरो का बुरा हाल है।
इस वजह से उन्होंने लोगों से अपील की कि लोग घूसखोरों का स्टिंग करें और सरकार को सूचित करें, जिसके ऊपर सरकार कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचारियों को अंजाम तक पहुंचा सके।
केजरीवाल ने कहा था कि किसी भी नागरिक से कोई भी अधिकारी यदि रिश्वत मांगे तो फोन कर इसकी शिकायत करनी चाहिए।