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LG ने लिखी CM को चार पेज की जवाबी चिट्ठी

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उपराज्यपाल नजीब जंग ने शुक्रवार को सधे शब्दों, सियासी तहजीब और शायराना अंदाज में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा पिछले दिनों उठाए गए सभी सवालों और आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया।
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मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को दो पेज की चिट्ठी में जंग पर प्रधानमंत्री के इशारे पर काम करने का आरोप लगाने के साथ-साथ खुद प्रधानमंत्री पर टीका टिप्पणी की थी। इसके जवाब में उपराज्यपाल ने शुक्रवार को ‘प्रिय मुख्यमंत्री जी’ के नाम चार पेज की चिट्ठी भेजी। उन्होंने महिला आयोग अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति वाली फाइल भी बिना दस्तखत किए लौटा दी।

उपराज्यपाल ने कहा है,‘प्रधानमंत्री के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल चिट्ठी में किया है, उससे मुझे निराशा हुई है। यह एक केंद्र शासित राज्य के मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देती।
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आपका पत्र सार्वजनिक होने के कारण न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी अशोभनीय टिप्पणी का कारण बन रही है। देश के गौरव एवं सम्मान की खातिर कह रहा हूं।’हालांकि चिट्ठी के अंत में जंग ने कहा है कि आपने जो जनता से वादे किए हैं, उनमें सहयोग की मेरी इच्छा है।
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शायराना अंदाज में खत्म किया लेटर

महिला आयोग अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के मामले में उपराज्यपाल ने कहा है कि पूर्व से ही हर प्रकार की नियुक्ति/इस्तीफा/पुनर्नियुक्ति/पद से हटाने वाले सभी प्रस्ताव उपराज्यपाल को भेजे जाते हैं। जनवरी, 2014 में आपकी सरकार से भी फाइल आई थी। मुझे आश्चर्य है कि इतने लंबे समय से चली आ रही कानून सम्मत परंपरा को आप इतनी जल्दी बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

उपराज्यपाल ने आगे लिखा, आप विभिन्न मंच पर कहते हैं कि मुझे एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक की नियुक्ति और तबादले का अधिकार नही है, जबकि सच्चाई यह है कि मैंने आपके आई.ए.एस/दानिक्स की नियुक्ति और तबादले के प्रस्तावों का सम्मान किया है। मेरा प्रयास रहा है, लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत आपके सभी निवेदनों पर सहमति और सीएम के रूप में आपकी इच्छाओं को सम्मान दूं।

उपराज्यपाल ने पत्र इस शेर से खत्म किया है। ‘ये जब्र भी देखा है तारीख की नजरों ने, लम्हों ने ख़ता की थी सदियों ने स़जा पाई।’ फिर लिखा है कि मुझे भेजा गया आपका पत्र सार्वजनिक हो गया, इसलिए मैं भी पत्र सार्वजनिक कर रहा हूं।
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