राजधानी में दिल्ली सरकार की पहली जून से लागू होने जा रही ऐप बेस्ड प्रीमियम बस सेवा स्कीम पर ब्रेक लग सकता है। सूत्रों की मानें तो एलजी ने स्कीम की बीते 20 मई को जारी अधिसूचना में बिना फाइल दिखाए उनके नाम के इस्तेमाल पर भी आपत्ति दर्ज कराई है।
एलजी ने इसे लेकर परिवहन आयुक्त को भी फटकार लगाई है। एलजी के इस फैसले से सरकार और राजनिवास के बीच रिश्ते और तल्ख हो सकते हैं। सूत्रों की मानें तो इस स्कीम को लाने के लिए सरकार मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 2एम, एन का इस्तेमाल किया है।
उसका इस्तेमाल किसी आपदा की स्थिति में किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में सेक्शन पावर देता है कि वह बिना परमिट के भी वाहन सड़क पर उतार सकते हैं। इसका इस्तेमाल सीमित समय के लिए होता है।
जबकि सरकार की ऐप बेस्ड प्रीमियम बस स्कीम स्थायी तौर पर लाया गया है। बताते चलें कि 20 मई को सरकार ने ऐप बेस्ड प्रीमियम बस सर्विस स्कीम की अधिसूचना जारी की थी।
जिसमें इसे 1 जून से प्रभावी बताया गया था। जिसके बाद राजनिवास ने दिल्ली सरकार से पूरे स्कीम फाइल तलब की है। इससे पहले एलजी के पास इससे जुड़ी स्कीम नहीं भेजी गई थी। अब एलजी ने इस स्कीम को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है।