दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान को उप राज्यपाल अनिल बैजल ने शो कॉज नोटिस जारी की है। दिल्ली सरकार के वकील ने सोमवार को उच्च न्यायालय को इसकी जानकारी दी।
जस्टिस राजीव सहाय और जस्टिस संगीता ढिंगरा सेहगल की बेंच द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चल रही सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील ने यह भी बताया कि उप राज्यपाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक पत्र लिखकर जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा है।
दिल्ली सरकार के वकील अनुपम श्रिवास्तव ने बताया कि उप राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को 30 अप्रैल को पत्र लिखकर संबंधित प्रशासनिक विभाग को खान के खिलाफ डीएमसी अधिनियम की धारा चार के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए थे।
डीएमसी अधिनियम की धारा चार के अनुसार किसी व्यक्ति को अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने या उसकी सदस्यता रद्द करने के प्रावधान हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि एलजी ने खान को आठ मई को कारण बताओ नोटिस जारी की है।
अदालत ने अधिकारियों को उचित समय में इस मामले में कोई फैसला लेने को कहा। इसके साथ ही जफरुल खान को पद से हटाने की मांग वाली याचिका पर भी सुनवाई की। मालूम हो कि जफरुल का कार्यकाल आयोग के अध्यक्ष के रूप में जुलाई में समाप्त होने जा रहा है।
यह है मामला-
मालूम हो कि यह सारा विवाद जफरुल द्वारा किए गए एक विवादित पोस्ट से खड़ा हुआ है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा था कि जिस दिन मुसलमानों ने अरब देशों से अपने खिलाफ जुल्म की शिकायत कर दी, सैलाब आ जाएगा। इस पोस्ट के बाद भाजपा ने इसका विरोध करते हुए उनसे इस्तीफा मांगा।
जफरुल इस्लाम ने मंगलवार को अपनी लंबी फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि भारतीय मुस्लिमों के साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद कुवैत। हिंदुत्व विचारधारा के लोग सोचते हैं कि कारोबारी हितों की वजह से अरब देश भारत के मुस्लिमों की सुरक्षा की चिंता नहीं करेंगे।
वे भूल गए कि भारतीय मुस्लिमों के अरब और मुस्लिम देशों से कैसे रिश्ते हैं। जिस दिन मुसलमानों ने अरब देशों से अपने खिलाफ जुल्म की शिकायत कर दी, सैलाब आ जाएगा।
विवाद खड़ा होने पर जफरुल इस्लाम ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी देश के खिलाफ जाकर नहीं बोला है। हिंदुत्व का मतलब कुछ लोग भारत से जोड़ रहे हैं। यह गलत है।