आम आदमी पार्टी सरकार की तरफ से सरकारी अधिकारियों पर नजर रखने और भ्रष्टाचार के मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए बनाई गई फीडबैक (मुखबरी यूनिट) को बंद करने के आदेश उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिए हैं। इस यूनिट को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट करने के आदेश थे।
इस यूनिट के गठन, खुफिया यंत्र खरीदने के आदेश और अधिकारियों की तैनाती का खुलासा पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग की तरफ से गठित शुंगलू कमेटी की जांच में हुआ था। यह यूनिट भी बिना उपराज्यपाल के मंजूरी के बनाई गई थी। इसकी जांच सीबीआई को पूर्व उपराज्यपाल ने ही भेज दी थी। जिस पर प्राथमिक जांच रिपोर्ट दर्ज है।
उपराज्यपाल कार्यालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने फीडबैक यूनिट को बंद करने के आदेश की पुष्टि की है। उनका कहना है कि यूनिट बंद करने की सतर्कता विभाग की सिफारिश को मार्च के पहले सप्ताह में ही उपराज्यपाल ने मंजूरी दी है। क्योंकि डेढ़ साल के नियम विरुद्ध कार्यों की जांच करने को गठित वीके शुंगलू कमेटी ने इस कमेटी को अवैध करार दिया था।