गाजीपुर लैंडफिल साइट पर हुए हादसे के बाद उपराज्यपाल अनिल बैजल ने गाजीपुर के डंपिंग ग्राउंड में तत्काल प्रभाव से कूड़ा डालने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही इस लैंडफिल साइट को दो सालों के अंदर खाली करने का भी आदेश दिया है।
आगामी नवंबर से साइट से कूड़ा उठाकर उसका प्रयोग सड़क बनाने के लिए किया जाएगा और अगले दो वर्षो में इस साइट को खाली कर दिया जाएगा।
उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इतना ही नहीं, लोगों की सुरक्षा के ध्यानार्थ घटना स्थल वाली सड़क को भी अस्थाई रूप से बंद कर करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में उपराज्यपाल ने निर्देश दिए कि तत्काल प्रभाव से ही गाजीपुर लैंडफिल साईट पर ठोस कचरा और किसी अन्य प्रकार की गाद नहीं डाली जाएगी। पूर्वी दिल्ली एमसीडी अपने इलाके के कचरे को तुरंत किसी अन्य वैकल्पिक जगह पर भेजगा।
उपराज्यपाल अनिल बैजल ने गाजीपुर हादसे को लेकर तत्काल उपायों के लिए बुलाई बैठक में सिविक एजेंसियों के कामकाज पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कूड़े की समस्या का समाधान किया जाता तो इस प्रकार के हादसों से बचा जा सकता था।
बैठक में उपराज्यपाल ने यातायात आयुक्त को निर्देश दिए कि वह लोगों की सुरक्षा के लिए यातायात के लिए तुरंत वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित करे इस संबंध में यातायात पुलिस एक सलाह जारी करेगी और मुख्य स्थानों पर उचित मार्गसूचक भी लगाएगी। बैठक में संभावना जताई गई कि जहां शुक्रवार को घटना हुई वहां कहीं कूड़ा पुन: न खिसक जाए।
उपराज्यपाल ने सभी संबंधित एजेंसियों को कहा कि वह इस प्रकार की आकस्मिक घटनाओं से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें और इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों इसके लिए समन्वय होना चाहिए।
दिल्ली में अब नहीं बनेगा कूड़े का पहाड़: केजरीवाल
गाजीपुर जैसे हादसे फिर नहीं घटे इसे लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिले। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस विषय पर काफी विस्तृत चर्चा उपराज्यपाल के साथ हुई। इसमें यह तय किया गया है कि ना केवल गाजीपुर बल्कि, भलस्वा लैंडफिल साइट में भी अब कूड़ा-कचरा नहीं फेंका जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अब दिल्ली में कूड़ा का पहाड़ बनने नहीं दिया जाएगा।