- पिछले कुछ वर्षों से डीजेबी कालिंदी कुंज बैराज के पास नदी की सतह पर बनने वाले झाग को दबाने के लिए पॉलीडाइमिथाइलसिलोक्सेन (पीडीएमएस) नामक केमिकल का स्प्रे कर रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। एक पर्यावरण समूह ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यमुना नदी में झाग कम करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सिलिकॉन-बेस्ड केमिकल डिफोमर्स से नदी को नुकसान पहुंचा सकता है। पिछले कुछ वर्षों से डीजेबी कालिंदी कुंज बैराज के पास नदी की सतह पर बनने वाले झाग को दबाने के लिए पॉलीडाइमिथाइलसिलोक्सेन (पीडीएमएस) नामक केमिकल का स्प्रे कर रहा है।
एक्टिविस्ट पंकज कुमार ने पत्र में कहा कि पहले यह स्प्रे केवल छठ पर्व जैसे त्योहारों के आसपास सात-दस दिनों के लिए किया जाता था, लेकिन इस साल अक्तूबर के दूसरे हफ्ते से शुरू हुआ स्प्रे तीन महीने तक जारी रखने की योजना है। उन्होंने चिंता जताते हुए लिखा कि यह नदी के लिए खतरनाक हो सकता है। कुमार का कहना है कि पीडीएमएस पानी की सतह पर एक पतली परत बना देता है, जिससे ऑक्सीजन का आदान-प्रदान कम हो जाता है और पहले से प्रदूषण से जूझ रही यमुना और ज्यादा दबाव में आ जाती है।
उन्होंने दावा किया कि वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया कि सिलिकॉन ऑयल जल्दी नहीं टूटता और नदी की मिट्टी में जमा होकर जलीय जीवों को प्रभावित कर सकता है। एक्टिविस्ट ने चेताया कि भले ही इन केमिकल्स को छोटे माइक्रोडोज में सेफ बताया जाता है, लेकिन हफ्तों-महीनों तक बिना सोचे-समझे किए जा रहे स्प्रे से इनकी कोई सुरक्षित सीमा तय नहीं रह जाती।