जिले को हरा-भरा करने के लिए शुरू किया गया अभियान अब थम गया है। वन विभाग ने पौधारोपण के लिए तय किया गया लक्ष्य भी घट गया है।
इस साल के दो लाख के लक्ष्य को 20 फीसदी घटाकर केवल 1.60 लाख कर दिया है। इसमें भी लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है। वन विभाग का दावा है कि उन्हें पौधारोपण के लिए जगह नहीं मिल रही है।
दरअसल, इस साल वन विभाग ने चार लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा था। ‘हर घर हरियाली’ योजना के तहत विभिन्न सरकारी विभाग, संस्थाओं के जरिए पौधारोपण के लिए दो लाख लक्ष्य निर्धारित किए गए थे और दो लाख पौधारोपण खुद वन विभाग के द्वारा होना था।
मानसून शुरू होने के बाद एक सप्ताह तक वन विभाग ने पौधारोपण शुरू किया, लेकिन मुख्यालय के आदेश के बाद निरीक्षण के नाम पर वन विभाग ने पौधारोपण बंद कर दिया।
इसी बीच पौधारोपण के लिए सरकारी नर्सरियों से वितरित किए जाने वाले पौध भी खत्म हो गए। बारिश के कम होने के साथ वन विभाग ने अपने लक्ष्य में 20 फीसदी कटौती कर दी।
निरीक्षण और पौध की कमी की वजह से करीब एक महीने तक का सबसे माकूल समय निकल गया। सितंबर महीने में बारिश की उम्मीद थी, लेकिन महीना सूखा होने की वजह से पौधारोपण नहीं हो सका। अब इस वक्त में पौधारोपण भी मुश्किल है।
जिसकी वजह से अब यह लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पा रहा है। पर्यावरणविद् चेतन अग्रवाल कहते हैं कंक्रीट के इस जंगल में हरियाली को बनाए रखने के लिए पौधारोपण जरूरी है। लेकिन, अब पौधारोपण के लिए माकूल समय नहीं है।