तेंदुए पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है
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केएमपी से सटे गांव सैदपुर, धानवास व पातली में रविवार को तेंदुए के पंजे के निशान मिले। निशान मिलने से लोगों में खौफ है। पिछले तीन दिनों से अलग-अलग क्षेत्रों में तेंदुए, लकड़बग्घे के पैर के निशान मिल रहे हैं, लेकिन वन विभाग के हाथ अभी तक खाली हैं। गांव के विभिन्न क्षेत्रों में वन विभाग ने पिंजरे लगाए हुए हैं। इसके साथ ही अब तेंदुए को पकड़ने के लिए विभाग की टीम ड्रोन के जरिए निगरानी कर रही है, लेकिन क्षेत्र में सरसों के खेत होने के कारण तेंदुए का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो खेत में सरसों की आड़ लेकर तेंदुआ छिपा हुआ है, जो मौके की तलाश में हो सकता है।
गांव के आस-पास के क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुए के पांव के निशान मिल रहे हैं। इससे ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम कभी एक गांव तो कभी दूसरे गांव अभियान चलाकर तेंदुए की खोज कर रही है, लेकिन अभी तक तेंदुए को पकड़ा नहीं जा सका है। जिला वन अधिकारी श्याम सुंदर के नेतृत्व में टीम ने रविवार को पातली गांव में तेंदुए के पांव के निशान मिलने की सूचना पर छानबीन की। खेतों वाले क्षेत्र में ड्रोन से भी तेंदुए की हलचल पता लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
वन्य जीव विशेषज्ञ अनिल गंडास ने बताया कि 1500 एकड़ जमीन पर खेत और जंगल हैं। वह इन्हीं के बीच हो सकता है। जिसके कारण उसे ट्रेस करने में थोड़ी परेशानी हो रही है। तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में चार पिंजरे लगा दिए गए हैं। इसके अलावा विभाग की टीम भी हर हलचल पर निगरानी रखे हुए है। ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा ग्रामीणों से अपील है कि वह अफवाह फैला कर खौफ पैदा न करें।