शहर के सादुल्लापुर गांव में रविवार सुबह एक तेंदुआ घुसने से अफरातफरी मच गई। करीब 45 मिनट तक गांव में घूमने के बाद तेंदुआ एक खाली मकान में घुस गया। दिन भर उसे पकड़ने का प्रयास जारी रहा। तेंदुए के हमले से आईटीबीपी का एक जवान भी घायल हुआ है। करीब सात घंटे बाद वाइल्ड लाइफ की टीम ने तेंदुए को ट्रैंक्लावजाइजर गन से बेहोश कर पकड़ लिया। सोमवार को वन विभाग की टीम तेंदुए को शिवालिक के जंगलों में छोड़ने जाएगी।
रविवार की सुबह 9:30 बजे सादुल्लापुर गांव में मैमपाल के खेत में तेंदुआ देखा गया। उस वक्त मैमपाल का बेटा खेत में फसल को पानी दे रहा था। तेंदुआ उस हमला करने ही वाला था कि वहां से निकल रहे दो युवकों ने तेंदुए को देखकर शोर मचा दिया। तेंदुआ गांव की तरफ भाग गया। वहां दो लोगों के मकान में घुस गया। बच्चों और महिलाओं के शोर मचाने पर तेंदुआ गांव के बाहर की तरफ भाग गया। ग्रामीण ने उसका पीछा किया और एक खाली मकान में घेर लिया। इस दौरान तेंदुए ने आईटीबीपी के जवान कुलदीप पवार पर हमला कर घायल कर दिया। कुलदीप 51वीं बटालियन में सिपाही है।
इस बीच इकोटेक तीन, बिसरख, सूरजपुर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन संसाधन नहीं होने के कारण टीम ऑपरेशन शुरू नहीं कर सकी। मुख्य वन संरक्षक पश्चिमी जोन ललित वर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दिल्ली चिड़ियाघर व वाइल्ड लाइफ की टीम और मेरठ वन विभाग की टीम को बुलाया।
शाम के 4 बजे तक तीनों टीम के आने के बाद तेंदुए को पकड़ने का ऑपरेशन शुरू किया। करीब 30 मिनट के अंदर तेंदुए को ट्रैक्लाइजर गन से एक शॉट मारकर तेंदुए को बेहोश किया गाया। उसके बाद पिंजरे में कैद कर तेंदुए को सूरजपुर स्थित नर्सरी लाया गया।
सादुल्लापुर गांव में घुसे तेंदुए पकड़ लिया गया है। वह नदी के किनारे के रस्ते से या फिर ट्रेन में बैठकर यहां आ गया होगा। तेंदुए को शिवालिक के जंगलों में छोड़ा जाएगा।
- ललित वर्मा, मुख्य वन संरक्षक, पश्चिमी जोन मेरठ