लोक सभा चुनाव की तैयारियों में लगी यूपी सरकार की परेशानी बढ़ सकती है। विधान परिषद में तीन सदस्यों ने पावर कॉरपोरेशन, मनरेगा, राशन चीनी वितरण में धांधली और बेरोजगारों से ठगी के कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
संसदीय सचिव पवनेंद्र शर्मा ने तत्काल सभी जिलों से रिपोर्ट तलब कर ली है। गाजियाबाद में पावर कॉरपोरेशन पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के आरोप हैं। घपले को करीब 14 सौ करोड़ का माना जा रहा है।
विधान परिषद में एमएलसी नसीब पठान, दिनेश प्रताप और विवेक बंसल ने दावा किया है कि उनके पास आरोपित किए गए विभागों के भ्रष्टाचार के साक्ष्य भी हैं।
कॉरपोरेशन में करप्शन
एमएलसी ने आरोप लगाया है कि पावर कॉरपोरेशन में 30 जिलों में बिलिंग चेकों के भुगतान और डोर-टू-डोर बिलिंग कलेक्शन में 1000 करोड़ का घपला हुआ है।
इसमें गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़ और बुलंदशहर भी शामिल हैं। प्रदेश के संसदीय सचिव ने संबंधित मंडलों के कमिश्नर व पावर कारपोरेशन के एमडी भारत भूषण से रिपोर्ट मांगी है।
यहां भी हुआ घपला
लखनऊ, वाराणसी, मेरठ व आगरा-कानपुर में भी बड़ा घपला होने का मामला उठाया गया है।
इन विभागों में भी लगे आरोप
- पावर कॉरपोरेशन बिलिंग 1000 करोड़
- पावर कॉरपोरेशन बेरोजगारों से ठगी 10 करोड़
- मनरेगा में ब्लैक लिस्टेड संस्था को दिया काम करोड़ों का घपला
- गरीबों के हिस्से की 503 मीट्रिक टन चीनी बिकी बाजार में
- डा. राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय फैजाबाद में उत्तर पुस्तिका घोटाला
- केजीएमसी चिकित्सालयों के लिए 20 हजार के उपकरण खरीद, 19 लाख का बिल
- एलडीए लखनऊ में अफसरों ने खरीदे 4000 में दो तौलिये
- खाद्य रसद विभाग में चावल खरीद हेराफेरी में 217 करोड़ का घपला
- कृषि विभाग में 10 करोड़ के 88 हजार जिंक की फर्जी खरीदारी