सुक्खीमल, डासना गेट, कस्साबान समेत पुराने शहर के चार मोहल्लों के लोग नलों से निकल रहे ‘लाल पानी’ से परेशान है। एक साल से शुरू हुई यह समस्या अब बढ़ने लगी है।
अवैध कट्टीघरों से निकलने वाला खून और गंदगी पुरानी और लीकेज पाइप लाइनों के जरिए घरों में पहुंच रहा है। कालोनी के लोगों का आरोप है कि चोरी छिपे इस गंदगी को बोरिंग के जरिए जमीन के नीचे भी उतारा जा रहा है।
नगर निगम से इसकी शिकायत करने बावजूद हल न निकलने से परेशान चार कालोनियों के लोग अब आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
करीब डेढ़ महीने पहले ग्रेटर नोएडा में प्रदूषित ग्राउंड वाटर पीने से फैली बीमारी का मामला तूल पकड़ गया था। अब यही हालात गाजियाबाद में बन सकते हैं।
डासना गेट, सुक्खीमल, कस्साबान और पक्की मोरी क्षेत्र के सैकड़ों घरों में पहुंच रहे इस ‘लाल पानी’ की वजह से लोग परेशानी झेल रहे हैं।
अधिकांश लोगों ने इस पानी का इस्तेमाल करना अब बंद कर दिया है, लेकिन कुछ परिवार ऐसे हैं जो खरीदकर पानी नहीं पी सकते। ऐसे में इस प्रदूषित पानी को पीकर इन क्षेत्रों में भी बीमारियां सैकड़ों लोगों को चपेट में ले सकती हैं।
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‘कट्टीघर हैं लाल पानी का कारण’
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोक के बावजूद आबादी के बीच कई अवैध कट्टीघर चल रहे हैं। पशु कटान के बाद खून नालियों में बहाया जा रहा है।