वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने का बीड़ा अब न्यायपालिका ने उठा लिया है। नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ने हाल ही में एक स्कीम लांच की है, जिसके तहत एक सप्ताह तक देशभर के वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकार बताने के लिए कैंप लगाए जाएंगे।
कैंप में अथॉरिटी द्वारा नियुक्त किए गए पैनल एडवोकेटस तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करेंगे। इसकी तैयारी को लेकर बुधवार को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण नूंह के सचिव व सीजेएम नरेंद्र सिंह ने जिले के पैनल एडवोकेट्स तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स की मीटिंग ली।
इसमें उन्होंने कहा कि साल 2007 में एक कानून बनाया गया था। जिसके तहत सभी वरिष्ठ नागरिकों को अपने वारिसों से भरण-पोषण पाने का अधिकार है। वरिष्ठ नागरिकों की सुनवाई के लिए प्रत्येक सब-डिविजन लेवल पर एक ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है, जिसमें बिना किसी खर्चे के वरिष्ठ नागरिकों की सुनवाई होती है।
इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को संविधान तथा सरकार ने काफी सहूलियत दे रखी हैं। लेकिन जागरूकता के अभाव में वरिष्ठ नागरिक उनका लाभ उठाने से वंचित रह जाते हैं।