दिल्ली सर्विस टैक्स विभाग टीम ने मंगलवार रात डीएलएफ फेज-2 स्थित एक अस्पताल में सर्विस टैक्स मामले को लेकर सर्च अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों के काम में बाधा डालने व कागजात और कंप्यूटर अस्पताल से गायब करने के मामले में पुलिस ने अस्पताल मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
दिल्ली कमिश्रेट सर्विस टैक्स विभाग के इंस्पेक्टर दिनेश बूरा ने थाना डीएलएफ-2 पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह मंगलवार शाम 4:00 बजे अधीक्षक नरेश कुमार, इंस्पेक्टर आशीष मित्तल, अभय कुमार के साथ डीएलएफ फेज-2 साइबर सिटी स्थित वर्ल्ड लैप्रोस्कोपी अस्पताल में सर्विस टैक्स पेमेंट संबंधी जांच करने के लिए पहुंचे थे।
लेकिन यहां मौजूद स्टाफ ने उन्हें जांच के लिए अस्पताल के अंदर नहीं घुसने दिया। स्टाफ सदस्य पंकज राय ने पेमेंट संबंधी दस्तावेज देने से इंकार कर दिया। मौके पर ही वरिष्ठ अधिकारी की ओर से सर्च वारंट मंगाया गया।
इस पर पंकज ने पुलिस को बुला लिया। इसी बीच अस्पताल से किसी ने सर्विस टैक्स सहायक आयुक्त हरि सिंह को फोन कर दिया। सूचना पाकर वह भी मौके पर पहुंच गए। अस्पताल मालिक आरके मिश्रा की मौजूदगी में रात करीब 8:00 बजे अस्पताल में सर्च अभियान शुरू किया गया।
टीम ने बेसमेंट की जांच की। इसके बाद टीम ने एडमिन के कमरे की जांच की तो वहां केवल तीन पीओएस मशीन व प्रिंटर मिला। वहां से कंप्यूटर गायब था। पूछने पर बताया गया कि कंप्यूटर घर ले जाए जा चुके हैं। इस बीच आरके मिश्रा की पत्नी भी अस्पताल में पहुंच गईं।
आरोप है कि वह भी सर्च अभियान में हस्तक्षेप करते हुए अधिकारी का हाथ पकड़कर उसे अस्पताल से बाहर करने लगी। मिश्रा व उनका स्टाफ भी इसमें शामिल हो गया। इस बीच दो अधिकारियों को अलग-अलग कमरे में बंद कर दिया गया तथा मिश्रा की पत्नी ने उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
इसी दौरान मिश्रा अस्पताल से कुछ कागजात व परिवार के लोगों को साथ लेकर वहां से निकल गया। इसके बाद सर्विस टैक्स की टीम ने पुलिस को फोन कर मौके पर बुलाया। इस मामले में पुलिस ने आरके मिश्रा, पंकज राय, शशिकांत राय, रंजन कुमार व अन्य पर ड्यूटी के दौरान काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।