पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस नरेश कुमार सांघी के निधन पर मंगलवार को मेवात के न्यायालय में अवकाश रहा। जस्टिस सांघी का मंगलवार को तिरूपति जाते वक्त रास्ते में ह्दयगति रूक जाने से निधन हो गया। वे 60 वर्ष के थे।
उनके निधन पर मेवात जिला बार एशोसिएशन के पूर्व प्रधान ताहिर रुपडिया, वरिष्ठ अधिवक्ता भूपसिंह कौशिक, सचिव सोमदत्त शर्मा, रामनारायण कौशिक, राजेश छोंकर, अमित जाजूका, जेएस सैनी, खलील अहमद, मंजूसिंह, विपिन जैन, सोनू नागपाल, सुनील तंवर, मुबीन अहमद आदि ने कहा कि जस्टिस सांघी ने पढाई के समय अपने आप को किताबों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।
वर्ष 1980 में उन्हें एक वकील के तौर पर लाईसेंस मिला और अपने पिता के सानिध्य में उन्होंने वकालत की प्रैक्टीस की। वर्ष 1996 में वे डिप्टी एडवोकेट जनरल बने। नूंह बार के वकीलों ने दिवंगत जस्टिस की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।